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घोटाले का खुलासा करने पर पुलिस ने PMO को दिया जवाब, कहा- बेटे की मौत की वजह से शिकायतकर्ता है मानसिक बीमार

दिल्ली में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरे की खरीद फरोख्त में घोटाले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की

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घोटाले का खुलासा करने पर पुलिस ने PMO को दिया जवाब, कहा- बेटे की मौत की वजह से शिकायतकर्ता है मानसिक बीमार

खास बातें

  1. घोटाले का खुलासा करने पर पुलिस ने PMO को दिया जवाब
  2. कहा- बेटे की मौत की वजह से शिकायतकर्ता मानसिक बीमार है
  3. जबकि शिकायतकर्ता का बेटा जिंदा है
नई दिल्ली:

दिल्ली में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरे की खरीद फरोख्त में घोटाले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की. इस पर पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय में ये रिपोर्ट लगा दी कि शिकायतकर्ता की मानसिक हालत ठीक नहीं है, क्योंकि उसके बेटे की मौत हो गयी है. जबकि, बाहरी दिल्ली के कादीपुर गांव में रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट हरपाल राणा की मानसिक हालत भी ठीक है और उनका बेटा अखिल राणा भी जीवित है. लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में हरपाल को मानसिक बीमार बताने के साथ-साथ ये भी लिख दिया कि ऐसा उनके बेटे की मौत हो जाने की वजह से हुआ. ये रिपोर्ट पीएमओ ग्रीवांस सेल में ऑनलाइन मिली.

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इस संबंध में आरटीआई एक्टिविस्ट हरपाल राणा ने कहा, “मुझे मानसिक बीमार बता दिया, बेटे को मरा बता दिया, मुझे बड़ा दुख हुआ ये गलत है, इसके लिए मैंने शिकायत भी की है.” दरसअल, हरपाल ने दिल्ली पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर कई आरटीआई के जरिये जानकारी मांगी. हरपाल के मुताबिक, अलग-अलग कई जबाब मिले जिनके मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने 2010 से 2017 तक 3309 सीसीटीवी कैमरे खरीदे. ये कैमरे 67 जगहों पर लगे हैं. 

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इनकी खरीद पर 227 करोड़ खर्च किये गए हैं, यानि एक कैमरा 6 लाख रुपये से ऊपर की कीमत पर लिया गया है, जबकि सभी कैमरों की असल कीमत 15 करोड़ रुपये के आसपास बनती है. हरपाल के मुताबिक, जब इस घोटाले की शिकायत उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में 8 अप्रैल 2016 को की, तो 30 जून 2016 को दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर केस बंद कर दिया. हालांकि, ये रिपोर्ट उन्होंने ऑनलाइन अभी कुछ दिन पहले देखी. इससे हरपाल का बेटा भी नाराज है.

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इस संबंध में हरपाल का बेटे अखिल राणा ने बताया कि दिल्ली पुलिस का कहना है कि वो इसकी जांच कराएंगे. वहीं, दिल्ली पुलिस के पीआरओ मधुर वर्मा ने कहा कि हरपाल ने अब 2 दिसम्बर को प्रधानमंत्री कार्यालय में इस मामले की फिर से शिकायत की है, जिसका जबाब अब तक नहीं आया है.



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