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दिल्ली : अवैध निर्माण की सीलिंग में रोड़ा डालने वालों को सीधे तिहाड़ जेल भेज देगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी, नजफगढ़ जोन वर्किंग कमेटी के चेयरमैन मुकेश सूरियान ने माफी मांगी और हलफनामा दाखिल किया

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दिल्ली : अवैध निर्माण की सीलिंग में रोड़ा डालने वालों को सीधे तिहाड़ जेल भेज देगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट.

खास बातें

  1. मुकेश सूरियान ने सीलिंग के दौरान अधिकारियों को धमकाया था
  2. कोर्ट ने कहा- दोबारा ऐसा करते हैं तो कोर्ट से तिहाड़ भेज देंगे
  3. अदालत में फोरम आफ एमसीडी इंजीनियर्स ने मुकेश पर आरोप लगाया था
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली में अनधिकृत और अवैध निर्माण की सीलिंग करने वाले सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने वालों को अदालत से सीधे तिहाड़ जेल भेज दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट में  नजफगढ़ जोन वर्किंग कमेटी के चेयरमैन मुकेश सूरियान ने माफी मांगी और हलफनामा दाखिल किया.

कोर्ट ने चेतावनी देते हुए मुकेश सूरियान से कहा कि भविष्य में अगर दोबारा ऐसा करते हैं तो कोर्ट में पेश होने से पहले सूटकेस लेकर सुप्रीम कोर्ट आना, यहीं से तिहाड़ भेज देंगे. मुकेश पर अधिकारियों को धमकी देने के आरोप थे. शीर्ष अदालत में फोरम आफ एमसीडी इंजीनियर्स ने आरोप लगाया था कि सूरियान ने अधिकारियों को उस वक्त धमकियां दीं जब वे न्यायालय द्वारा नियुक्त निगरानी समिति के निर्देशानुसार अवैध निर्माण सील करने गए थे.

सुनवाई के दौरान सूरियान के वकील ने पीठ को सूचित किया कि उनके मुवक्किल ने अपने कृत्य के लिए बिना शर्त माफी मांगते हुये एक हलफनामा दाखिल किया है और वह भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे. शीर्ष अदालत ने इससे पहले अनधिकृत निर्माण की सीलिंग करने वाले सरकारी अधिकारियों को धमकियां देने वालों को चेतावनी दी थी और कहा था कि इस तरह की ‘दादागिरी’ नहीं चलेगी.

यह भी पढ़ें :दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई में किसी की दादागिरी बर्दाश्त नहीं करेंगे : सुप्रीम कोर्ट

इस मामले में न्याय मित्र की भूमिका निभा रहे एक वकील ने पीठ से कहा कि फोरम आफ एमसीडी इंजीनियर्स का कहना है कि उन्हें ऐसे क्षेत्रों में ग्रिड अधिकारी नियुक्त किया गया है जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं है. वे चाहते हैं कि उन्हें ऐसे इलाकों के लिये जिम्मेदारी नहीं दी जाए. फोरम के वकील ने कहा कि उन्होंने इस बारे में एक अर्जी भी दायर की है. पीठ ने कहा कि इस मामले में 14 अगस्त को विचार किया जाएगा.

अदालत ने पिछले महीने निर्देश दिया था कि दिल्ली में अवैध निर्माणों की सीलिंग या उन्हें गिराने का काम नहीं रोका जाएगा. इससे पहले केन्द्र ने कहा था कि उसने किसी भी स्थानीय निकाय को सीलिंग अभियान धीमा करने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया है.

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VIDEO : दिल्ली में सीलिंग जारी रहेगी

कोर्ट में पिछली सुनवाई में नजफगढ़ जोन वार्ड समिति के चेयरमेन मुकेश सूरियान की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि वे बिना शर्त माफी मांगते हैं. इस पर कोर्ट ने हलफ़नामा दाखिल करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश सूरियान को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप क्या कर रहे है? हम किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दे सकते. हम इसको बर्दाश्त नही करेंगे कि कोई हमारे आदेश में बाधक बने. कोई भी कानून से ऊपर नहीं है ये बात आपको समझना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश सूरियान को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप जनप्रतिनिधि है अगर आप ऐसा करेंगे तो लोग क्या करेंगे. वे तो आपको ही देखकर वैसा करेंगे.
(इनपुट भाषा से भी)


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