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दिल्ली में बिजली हुई सस्ती, लेकिन फिक्स चार्जेस बढ़ाए गए

2 kV के कनेक्शन पर फिक्स चार्ज 20 रुपये से से बढ़ाकर 125 रुपये और 2kv से 5kv तक के कनेक्शन पर 35 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया

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दिल्ली में बिजली हुई सस्ती, लेकिन फिक्स चार्जेस बढ़ाए गए

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. घरेलू बिजली की दरें एक से डेढ़ रुपये प्रति यूनिट कम की गईं
  2. दिल्ली बिजली नियामक प्राधिकरण की बैठक में लिया गया फैसला
  3. दिल्ली में पिछले 4 सालों से बिजली की कीमतें नहीं बढ़ीं
नई दिल्ली: दिल्ली में बिजली के दाम घट गए हैं लेकिन फिक्स चार्जेस बढ़ा दिए गए हैं. घरेलू बिजली की दरें  एक से डेढ़ रुपये प्रति यूनिट कम की गईंहैं. दिल्ली बिजली नियामक प्राधिकरण (डीईआरसी) की बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया.

डीईआरसी की बैठक में बिजली की नई दरें तय की गईं.  डीआईआरसी ने बिजली कनेक्शन पर फिक्स चार्ज बढ़ा दिया है.2 kV के कनेक्शन पर फिक्स चार्ज 20 रुपये से से बढ़ाकर 125 रुपये और 2kv से 5kv तक कनेक्शन पर यह चार्ज 35 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया है.

डीईआरसी ने घरेलू बिजली पर प्रति यूनिट नई दरें तय की हैं. इसके मुताबिक शून्य से 200 यूनिट तक की प्रति यूनिट दर 4 रुपये से घटाकर 3 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 5.95  से घटाकर  4.50 रुपये,  401 से 800 यूनिट तक 7.30 से घटाकर  6.50 रुपये,  801 से 1200 यूनिट तक 8.10 से घटाकर  7 रुपये और 1200 यूनिट से अधिक की खपत पर चार्ज  8.75 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 7.75 रुपये प्रति यूनिट किया गया है.
 
delhi electrocity rates

बताया जाता है कि बिजली दरें बढ़ाने की मांग बिजली कंपनियां काफी दिनों से कर रही थीं, और संभवना 5 से 10 फीसदी तक बिजली दरें बढ़ाने की जताई जा रही थीं. लेकिन इसके विपरीत दरें कम कर दी गई हैं.
 
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केजरीवाल सरकार का दावा है कि दिल्ली में पिछले 4 सालों से बिजली की कीमतें नहीं बढ़ी हैं. जानकार कहते हैं कि दिल्ली सरकार के इस दावे में दम नहीं है क्योंकि बिजली के रेट पिछले सालों में सीधे तौर पर भले न बढ़े हों लेकिन 3.70 फीसदी पेंशन फंड के नाम पर सरचार्ज लगाया गया था. यानि 100 रुपये पर तीन रुपये सत्तर पैसे.

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VIDEO : बिजली बिल माफ करने की मांग

जानकारों का दावा है कि बिजली कंपनियों का मुनाफा बढ़ा है. जबकि दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियों का कहना है कि उन्हें 21000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है जिसकी भरपाई बिजली की दरों में करीब बीस से तीस फीसदी वृद्धि करके की जा सकती है.


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