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सीएम केजरीवाल के धरने के बीच दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दी उन्हें यह सलाह.. 

शीला दीक्षित ने कहा कि दिल्ली के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की भूमिका संविधान में स्पष्ट तौर पर परिभाषित है.

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सीएम केजरीवाल के धरने के बीच दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दी उन्हें यह सलाह.. 

शीला दीक्षित की फाइल फोटो

खास बातें

  1. शीला दीक्षित ने सीएम केजरीवाल के धरने पर उठाए सवाल
  2. पूर्व सीएम ने कहा केजरीवाल को नियमों की जानकारी लेनी चाहिए
  3. सोमवार से धरने पर बैठे हैं सीएम केजरीवाल
नई दिल्ली:

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरवाल एलजी हाउस में अपना धरना जारी रखें हुए हैं. उनके साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और दो केंद्रीय मंत्री भी धरने पर हैं. इन सब के बीच कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को विशेष सलाह दी है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को धरना पॉलिटिक्स करने से पहले संविधान जरूर पढ़ना चाहिए. खास बात यह है कि शीला दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल को यह सलाह दिल्ली को पूर्ण राज्य दिलाने की उनकी मांग को लेकर दिया है. शीला दीक्षित ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए प्रधानमंत्री एवं संसद से सम्पर्क करना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि दिल्ली के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की भूमिका संविधान में स्पष्ट तौर पर परिभाषित है. मुझे इस बात पर हैरत होती है कि क्यों 'आप' नेता सोमवार से उपराज्यपाल के अनिल बैजल के कार्यालय में धरना दिये हुए हैं. दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी शीला ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इसके पीछे उनकी (केजरीवाल) क्या मंशा है? उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर शर्मिन्दा हैं कि उपराज्यपाल कार्यालय में धरने की तस्वीरों को एक मुख्यमंत्री इंटरनेट पर जारी कर रहे हैं. अपनी और आम आदमी पार्टी सरकार की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि वह जब 1998 में मुख्यमंत्री बनी थीं तो केन्द्र में भाजपा की सरकार थी और उनके बीच कोई टकराव नहीं हुआ.

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शीला दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने भी दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की मांग की थी लेकिन कभी इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल को यह बात समझनी चाहिए कि दिल्ली एक केन्द्र शासित क्षेत्र है. यदि वह यह सोचते हैं कि वह हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसा शासन मॉडल चला सकते हैं तो वह गलत समझ रहे हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले उन्हें संविधान पढ़ना चाहिए. यदि उन्हें लगता है कि संविधान में संशोधन की जरूरत है तो उन्हें मोदी जी एवं संसद से सम्पर्क करना चाहिए.

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बहरहाल उन्होंने यह भी कहा कि लोग धरने के पीछे की राजनीति समझते हैं क्योंकि वे बेवकूफ नहीं हैं. गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब शीला दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल की राजनीति को लेकर टिप्पणी की हो. इससे पहले उन्होंने केजरीवाल सरकरा को ‘विज्ञापन सरकार’ करार दिया था. साथ ही उन्होंने कहा था कि वे जिन कामों के होने के दावे कर रहे हैं, वे ‘कहीं दिख नहीं रहे.’

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VIDEO: शीला दीक्षित ने कहा मुझे नहीं पता केजरीवाल क्या चाहते हैं.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) के दफ्तर में केजरीवाल सरकार के तीन साल पर एक आरोप-पत्र जारी किया. शीला ने कहा कि लोगों को केजरीवाल सरकार से सावधान रहना चाहिए और यह चिंता की बात है कि उसकी ओर से जिन कामों के दावे किए जा रहे हैं, वे कहीं नजर नहीं आ रहे.
 



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