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हरियाणा का सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन, मामले के निपटारे तक नहीं करेगा दिल्ली में पानी की सप्लाई बाधित

हालांकि हरियाणा सरकार ने कहा कि दिल्ली सरकार के 450 क्यूसेक पानी प्रतिदिन छोड़ने की मांग पर विचार करेगा.

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हरियाणा का सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन, मामले के निपटारे तक नहीं करेगा दिल्ली में पानी की सप्लाई बाधित

फाइल फोटो

नई दिल्ली: यमुना के पानी  को लेकर चल रहे विवाद हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया है कि इस मामले के निपटारे तक इस तक वो दिल्ली में पानी की सप्लाई को बाधित नहीं करेगा. मामले की सुनवाई अब 16 मई को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा है कि पानी को लेकर जो भी फैसला लेते है उसके बारे में सोमवार तक कोर्ट को बताये.  पिछली सुनवाई में हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि पिछले साल की तुलना में इस साल पानी हथनी कुंड बैराज में 50 फीसदी कम आ रहा है. अप्रैल 2017 की तुलना में इस साल अप्रैल 2018 में पानी 50 फ़ीसदी कम आया है. लिहाजा मामले की सुनवाई के दौरान इस बात को भी गौर किया जाए. 

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हालांकि हरियाणा सरकार ने कहा कि दिल्ली सरकार के 450 क्यूसेक पानी प्रतिदिन छोड़ने की मांग पर विचार करेगा. दरअसल राजधानी दिल्ली में पानी की दिक्कत पैदा होने को हवाला देते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने हरियाणा सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.  दिल्ली जल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह अंतरिम आदेश जारी कर हरियाणा सरकार को यमुना में कम से कम 450 क्यूसेक पानी प्रतिदिन छोड़ने का निर्देश दे.  हरियाणा इस समय 330 क्यूसेक पानी प्रतिदिन दिल्ली को दे रहा है.

 


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