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जेसिका लाल, नैना साहनी और प्रियदर्शनी मट्टू के हत्यारों की सजा नहीं घटेगी

जेसिका लाल मर्डर केस के गुनहगार मनु शर्मा, प्रियदर्शनी मट्टू रेप और मर्डर का दोषी संतोष सिंह और नैना साहनी की हत्या का दोषी सुशील शर्मा की सजा नहीं घटेगी.

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जेसिका लाल, नैना साहनी और प्रियदर्शनी मट्टू के हत्यारों की सजा नहीं घटेगी

मनु शर्मा ने 1999 में दक्षिणी दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में जेसिका लाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

खास बातें

  1. नहीं घटेगी गुनहगारों की सजा
  2. सजा समीक्षा बोर्ड का फैसला
  3. साढे़ तीन घंटे तक चली बैठक
नई दिल्ली:

जेसिका लाल मर्डर केस के गुनहगार मनु शर्मा, प्रियदर्शनी मट्टू रेप और मर्डर का दोषी संतोष सिंह और नैना साहनी की हत्या का दोषी सुशील शर्मा की सजा नहीं घटेगी. सजा समीक्षा बोर्ड ने इन तीनों गुनहगारों की सजा घटना से इनकार कर दिया. बता दें कि दिल्ली में आज कैदियों की सज़ा पर समीक्षा करने वाले बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया है. दिल्ली सचिवालय में साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में 108 मामलों पर चर्चा हुई. इनमें से 22 मामलों में दोषियों की सजा पूरी होने पर उन्हें रिहा कर देने का फैसला किया गया. इसके अलावा 86 मामलों को खारिज कर दिया गया, उनमें ये तीनों भी शामिल हैं. सजा समीक्षा बोर्ड की अध्क्षता दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने किया. सत्येंद्र जैन के अलावा बोर्ड में डायरेक्टर जनरल (प्रिजन), प्रमुख सचिव (गृह), प्रमुख सचिव (कानून), ज्वाइंट कमिश्नर पुलिस (क्राइम), दिल्ली सरकार के चीफ प्रोबेशन ऑफिसर और एक डिस्ट्रिक्ट जज शामिल थे.

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जेसिका लाल मर्डर केस 
दक्षिणी दिल्ली में अप्रैल 1999 को एक रेस्‍टोरेंट में मशहूर मॉडल जेसिका लाल की हत्‍या कर दी गई. इस मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा को गिरफ्तार किया गया. निचली अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान कई गवाह अपने बयान से मुकर गए जिसके बाद फरवरी 2006 में अदालत ने 12 में से नौ आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. इस मामले में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई की और दिसंबर 2006 को मनु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई. इसके बाद 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने मनु शर्मा की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा. 

प्रियदर्शनी मट्टू से रेप और मर्डर के केस 
आईपीएस अधिकारी जेपी सिंह के बेटे संतोष सिंह ने वर्ष 1996 में थर्ड ईयर की लॉ स्‍टूडेंट प्रियदर्शनी मट्टू का रेप करने के बाद हत्‍या कर दी थी. इस मामले में संतोष सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया लेकिन 1999 में दिल्‍ली की निचली अदालत ने आरोपी को साक्ष्‍यों के अभाव में बरी कर दिया. इसके बाद दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए साल 2006 में संतोष सिंह को फांसी की सजा सुनाई. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संतोष सिंह की सजा को मृत्‍युदंड से बदलकर उम्रकैद कर दिया. आपको बता दें कि इस मामले में संतोष सिंह वर्ष 2006 से जेल में बंद है. 

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नैना साहनी मर्डर केस 
नैना साहनी की 2 जुलाई 1995 को हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद उसके शव को कई टुकड़े किए गए और एक तंदूर में जला दिए गए. उसी दौरान पैट्रोल ड्यूटी पर लगे दिल्ली पुलिस के जवानों को तंदूर से धुआं उठता दिखा और बदबू से कुछ शक हुआ. तंदूर को देखा गया तो उसमें शव के टुकड़े थे. इसके बाद सुशील शर्मा मौके पर फरार हो गया और बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया. ट्रायल कोर्ट ने 2003 में सुशील शर्मा को दोषी पाया और फांसी की सजा सुनाई. इस मामले में नैना की गोली मारकर हत्या करने और उसके शव को ठिकाने लगाने की साजिश में सुशील शर्मा दोषी साबित हुए थे. बताया गया कि सुशील को शक था कि पार्टी के एक अन्य वर्कर से उसकी बीवी नैना के संबंध हैं. इस हत्या के लिए मौत की सजा पाए सुशील शर्मा की सजा को हाईकोर्ट ने भी सही माना था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में फांसी की सजा से राहत देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह हत्या संबंधों में कड़वाहट के चलते की गई और इससे समाज के खिलाफ कोई अपराध साबित नहीं होता.

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