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जेएनयू में "फ्रीडम फॉर कश्मीर" पोस्टर, प्रशासन ने कहा- राष्ट्रविरोधी गतिविधियां नहीं होने देंगे

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जेएनयू में

जेएनयू में कश्मीर की आजादी की मांग का पोस्टर लगा मिला जिस पर विवाद शुरू हो गया है.

खास बातें

  1. जेएनयू के रेक्टर प्रोफेसर चिंतामणि महापात्रा से बातचीत
  2. कहा, नेशनल इंटीग्रेशन के सवाल पर जेएनयू समुदाय एकजुट
  3. यूनिवर्सिटी कैंपस में पोस्टर लगाने के मामले की छानबीन जारी
नई दिल्ली: जेएनयू कैंपस में विवादित "फ्रीडम फॉर कश्मीर" नाम के पोस्टर के सामने आने के बाद राष्ट्रवाद के सवाल पर फिर बहस छिड़ गई है. सवाल उठ रहा है कि क्या यह कैंपस में फिर से राष्ट्रवाद के मुद्दे पर विवाद खड़ा करने की कोशिश है. इस अहम मुद्दे पर जेएनयू के रेक्टर प्रोफेसर चिंतामणि महापात्रा से बात की हमारे संवाददाता हिमांशु शेखर ने. प्रो महापात्रा का कहना है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय देश की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी में शामिल है और यहां हम राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को नहीं होने देंगे. अगर बाहर से ऐसी कोई कोशिश होती है तो हम कार्रवाई करेंगे.

रिपोर्टर : क्या इस पोस्टर के सामने आने के बाद जेएनयू कैंपस में फिर विवाद खड़ा हो गया है?
चिंतामणि महापात्रा : मुझे लगता है कि विवाद जेएनयू के अंदर नहीं बल्कि जेएनयू के बाहर है. पूरा जेएनयू समुदाय - शिक्षक, छात्र और कर्मचारी, सभी देशभक्त हैं. जेएनयू एक ओपन यूनिवर्सिटी है. यहां कोई भी कभी आ-जा सकता है. अगर भारत के खिलाफ, राष्ट्र के खिलाफ कोई भी काम कैंपस में होगा तो जेएनयू प्रशासन उसके खिलाफ पहल करेगा. नेशनल इंटीग्रेशन के सवाल पर जेएनयू समुदाय एकजुट है.

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रिपोर्टर :  इस बार जो विवादित पोस्टर सामने आए हैं, उस मामले में क्या कार्रवाई की गई है?
चिंतामणि महापात्रा : जेएनयू 24X7 खुला रहता है. अगर ऐसा कोई भी पोस्टर लगाया जाता है जिसमें देश के खिलाफ बात कही गई हो, बांटने वाली राजनीति की बात कही गई हो ...तो हम उसको जेएनयू कैंपस में लगाने की अनुमति नहीं देंगे. पिछले एक साल से हमारी यह कोशिश है कि जेएनयू की जो इमेज है वो बनी रहे. जेएनयू एक फंटियर यूनिवर्सिटी है, देश की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी में शामिल है और यहां हम राष्ट्रवाद-विरोधी गतिविधियों को होने नहीं देंगे. अगर बाहर से ऐसी कोई कोशिश होती है तो हम कार्रवाई करेंगे.  

रिपोर्टर : विवादित "फ्रीडम फॉर कश्मीर" नाम का पोस्टर अब भी स्कूल फार सोशल साइंसेज में लगा हुआ है. क्या पता चल पाया है कि इसे किसने लगाया और क्या कार्रवाई की गई है?
चिंतामणि महापात्रा : यह पोस्टर किसने लगाया, कैसे लगाया और कब लगाया, इसकी छानबीन करने में समय लगता है. प्रशासन की तरफ से जो भी हो सकता है, उसकी छानबीन की जा रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.


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