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एमसीडी चुनाव 2017: आम आदमी पार्टी ने अचानक 14 प्रत्याशी बदले, जानिए क्‍यों?

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एमसीडी चुनाव 2017: आम आदमी पार्टी ने अचानक 14 प्रत्याशी बदले, जानिए क्‍यों?

आप पार्टी के कार्यकर्ता...

खास बातें

  1. इनकी जगह नए लोगों को पार्टी ने मैदान में उतारने का निर्णय
  2. पहले भी पार्टी ने एक अन्य उम्मीदवार का टिकट बाद में काटा
  3. पार्टी 272 वार्डों के लिए 267 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है.
नई दिल्ली: एमसीडी चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी अपने 14 उम्मीदवारों के टिकट काट दिए हैं. अब इनकी जगह नए लोगों को पार्टी ने मैदान में उतारने का निर्णय लिया है. इससे पहले भी पार्टी ने एक अन्य उम्मीदवार का टिकट बाद में काट दिया जब उसे पता चला था कि उसके खिलाफ आपराधिक केस है. अब तक पार्टी 272 वार्डों के लिए 267 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक परफॉरमेंस में कमी के चलते उम्मीदवार बदले गए हैं.  हालांकि सवाल ये भी उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवार बदलने पर क्या आम आदमी पार्टी ने पंजाब नतीजों से पहले जल्दबाजी में टिकट घोषित किए थे. जो कि उनको लगता था कि पंजाब में चुनाव जीतने के बाद पार्टी के आला नेताओं के पास समय की कमी होगी. आपको बता दें कि पंजाबचुनाव के नतीजे 11 मार्च को घोषित हुए जबकि आम आदमी पार्टी ने 10 तारीख की रात तक 272 वार्डों के लिए 248 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया था.  दिल्ली में जब कि चुनाव घोषित ही नहीं हुआ था.
 
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आम आदमी पार्टी द्वारा एमसीडी चुनाव के मद्देनजर जारी बदली गई सूची

इससे पहले बुधवार को आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि राज्य निर्वाचन आयोग ‘राजनीतिक दबाव’ के आगे ‘झुक’ गया है और दिल्ली सरकार की परियोजनाओं पर नजर आने वाले ‘आम’ शब्द को ढंकने का आदेश देकर उसने संविधान को ‘कुचलने’ का काम किया है. आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक दिलीप पाण्डेय और पार्टी विधायक सोमनाथ भारती ने आयोग को अलग-अलग पत्र लिखकर आयोग के फैसले पर ‘ताज्जुब’ जताया और आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्था अपने ‘राजनीतिक हुक्मरानों’ के ‘अधीनस्थ’ के तौर पर काम कर रही है.

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पाण्डेय ने इस बात को लेकर सवाल किया कि जिन कार्यक्रमों के नाम में ‘भारतीय’ और ‘जनता’ या ‘इंडियन’ और ‘नेशनल’ शब्द जुड़े हैं, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा, ‘‘एक राजनीतिक दल को खुश करने की कोशिश के तहत आयोग ने तय प्रक्रियाओं की परवाह भी नहीं की और दिल्ली सरकार एवं आप को नोटिस जारी किया.’’ पाण्डेय ने इस मुद्दे को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात भी की. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने यह कहते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश का स्वागत किया है कि यह फैसला इस मुद्दे को लेकर पार्टी के रूख को साबित करता है.


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