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एमसीडी चुनाव 2017: दर दर भटकते बीजेपी के पार्षद, टिकट कटने से सभी हैं नाराज़

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एमसीडी चुनाव 2017: दर दर भटकते बीजेपी के पार्षद, टिकट कटने से सभी हैं नाराज़

बीजेपी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने सभी वर्तमान पार्षदों के टिकट काटने की घोषणा की है.

खास बातें

  1. 153 पार्षदों का टिकट कट गया है.
  2. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने किया है फैसला
  3. अप्रैल में हैं एमसीडी चुनाव
नई दिल्ली: बीजेपी पुराने सभी पार्षदों को टिकट न देने का ऐलान पहले ही कर चुकी है. 153  पार्षदों का इस फैसले से पत्ता कट गया. अब ये सभी पार्षद दर दर भटक रहे हैं. टिकट का आश्वासन मिल नहीं रहा. ढाढस कोई दे नहीं रहा तो पटपड़गंज इलाके से पार्षद संध्या वर्मा की आंखें उस वक्त डबडबा गईं जब नितिन गडकरी से मिलकर निकलीं. बीजेपी के पार्षद दर दर भटक रहे हैं. अपने जानने वाले नेताओं से एक साथ लामबंद होकर मिल रहे हैं कि कुछ बात बन जाए. सुनवाई हो जाए.

मुलाकात गडकरी से हुई, लेकिन बात बनी नहीं. दावा ये भी हो रहा है कि विपक्ष तक अगर ये साबित कर दे कि भ्रष्ट हैं तो राजनीति से संन्यास ले लेंगी. संध्या वर्मा ने कहा, 'पता नहीं टिकट क्यों कटा पर मैंने तो ईमानदारी से 5 साल अपने इलाके में काम किए हैं. मैं पटपड़गंज से हूं और आप के नेता सिसोदिया जी भी ये कह दें कि मैं भ्रष्ट हूं तो जिंदगीभर चुनाव नहीं लड़ूंगी.

मुंडका इलाके से पार्षद मास्टर आजाद ने कहा कि पार्टी है. हम अपनी बात रखने आए थे और जहां जहां लगेगा हम जाएंगे.

टिकट को लेकर इन पार्षदों के बड़े नेताओं से मिलने का दौर मंगलवार से चल रहा है. पहले विजय गोयल के घर गए. फिर, प्रवेश वर्मा, महेश गिरि और फिर नितिन गडकरी. इतना ही नहीं श्याम जाजू और विनय सहस्त्रबुद्धे से भी पार्टी दफ्तर में 11 अशोक रोड पर मुलाकात हुई पर मायूसी ही हाथ लगी.

अपनी आखिरी उम्मीद के तौर पर ये पार्षद दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से भी मिले. क्या कोई फैसले पर यू-टर्न मुमकिन है? इस सवाल के जवाब में मनोज तिवारी ने कहा कि पार्षद पार्टी के अंदर अपनी बात रख रहे हैं. अपने काम गिनवा रहे हैं. उनका हक है. पार्टी सुन भी रही है. अगर कोई फैसला हुआ तो जरूर बताएंगे. संकेत बिल्कुल साफ है कि सुनवाई का कोई रास्ता अब बचा नहीं है.

एक तरफ 10 साल से निगम की सत्ता पर काबिज बीजेपी एंटी इनकम्बेंसी से बचना चाह रही है. तो दूसरी तरफ नाराज पार्षदों की भितरघात का ख़तरा है.


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