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गृह मंत्रालय ने होटलों के संबंध में एनडीएमसी के फैसले को सही ठहराया

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गृह मंत्रालय ने होटलों के संबंध में एनडीएमसी के फैसले को सही ठहराया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दो होटलों के बारे में एनडीएमसी के फैसले को सही ठहराया है.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के उस फैसले को सही बताया जिसमें उसने ताज मानसिंह होटल की नीलामी और ली मेरीडियन होटल का लाइसेंस रद्द किया है. मंत्रालय का कहना है कि अगर यह होटल ग्रुप दुबारा इन होटलों को चाहते हैं तो ज्यादा पैसे देकर लाइसेंस हासिल कर लें.

एनडीएमसी के फैसले को सही बताते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ताज मानसिंह की नीलामी जल्द से जल्द की जाएगी. जबकि ली मेरीडियन का लाइसेंस रद्द होने के बाद उसकी खुली नीलामी होगी.

गृह मंत्रालय के अफसर का कहना है कि "जो कम्पनियां इन दोनों होटलों को चलाती हैं उनके सम्बंध केंद्र सरकार से अच्छे हैं. लेकिन वे सरकार से नजदीकी सम्बंधों का फायदा हमेशा नहीं  उठा सकते. अगर उन्हें होटल इतने पसंद हैं तो नीलामी में हिस्सा लेकर उसे फिर खरीद सकते हैं."

यह भी पढ़ें- दिल्ली के ली मेरीडियन होटल का लाइसेंस होगा रद्द, ताज मानसिंह की होगी नीलामी

एनडीएमसी ने गुरुवार को फैसला लिया कि ली मेरीडियन का लाइसेंस रद्द किया जाए और ताज मानसिंह की नीलामी की जाए. ताज मानसिंह होटल एनडीएमसी ने टाटा इंडियन होटल्स कम्पनी यानी आईएचसीएल को लीज पर चलाने के लिए 33 साल के लिए दिया था. यह लीज 2011 में खत्म हो गई थी. कम्पनी को 9 बार अलग-अलग आधार पर एक्सटेंशन भी दिया गया.

एनडीएमसी का प्रशासनिक न नियंत्रण केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है. मंत्रालय ने होटल की नीलामी के लिए हरी झंडी मार्च 2015 में दे दी थी.  लेकिन कमला इसीलिए टल गया क्योंकि टाटा ने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर कर दी थी जिसके तहत एनडीएमसी से गुजारिश की थी कि वह नीलामी के अपने फैसले का दुबारा अध्ययन करे. जबकि ली मेरीडियन का लाइसेंस एनडीएमसी ने इसीलिए रद्द किया क्योंकि उसने 523 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस नहीं दी थी.


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