डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में आरोपी AAP विधायक प्रकाश जरवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

दिल्ली के नेब सराय इलाके में 52 वर्षीय डॉक्टर राजेन्द्र सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. मृतक के पास से एक 2 पेज का सुसाइड नोट मिला था जिसमें उसने आत्महत्या के लिए इलाके के विधायक प्रकाश जरवाल और उसके सहयोगी कपिल को जिम्मेदार ठहराया था. 

डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में आरोपी AAP विधायक प्रकाश जरवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जरवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है.

नई दिल्ली:

दक्षिणी दिल्ली के डॉक्टर सुसाइड केस में आरोपी आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जरवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है. विधायक प्रकाश जारवाल और कपिल नागर की तलाश में पुलिस जुटी हुई है. 7 अप्रैल को प्रकाश जारवाल के दो भाइयों और पिता से दिल्ली पुलिस ने पूछताछ भी की थी. विधायक प्रकाश जारवाल को दिल्ली पुकिस ने पूछताछ के लिए दो बार बुलाया लेकिन वे दोनों बार दिल्ली पुलिस के सामने पेश नहीं हुए. 

डॉक्टर राजेन्द्र भाटी ने 18 अप्रैल को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस को राजेन्द्र भाटी का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था सुसाइड नोट में आम आदमी पार्टी के देवली विधायक प्रकाश जरवाल और उसके सहयोगी कपिल नागर का का नाम था.

बता दें कि दिल्ली के नेब सराय इलाके में 52 वर्षीय डॉक्टर राजेन्द्र सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. मृतक के पास से एक 2 पेज का सुसाइड नोट मिला था जिसमें उसने आत्महत्या के लिए इलाके के विधायक प्रकाश जरवाल और उसके सहयोगी कपिल को जिम्मेदार ठहराया था. 

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पुलिस ने एक डायरी भी बरामद की थी जिसमें लिखा थी, ' मेरा इस इलाके में एक क्लीनिक है और मेरे कुछ वॉटर टैंकर दिल्ली जल बोर्ड में किराए से चलते थे लेकिन एमएलए प्रकाश और उसका सहयोगी कपिल नागर मुझसे हर टैंकर के हिसाब से पैसे मांगने लगे. कुछ पैसे दिये भी गए लेकिन बाद में मेरे सभी टैंकर प्रकाश जरवाल ने दिल्ली जल बोर्ड से हटवा दिए.' 

सुसाइड नोट में लिखा था, ' टैंकरों को दिल्ली जल बोर्ड से हटवाने के बाद जब उन्हें ओखला के दिल्ली जल बोर्ड के लगवाया गया तो टैंकरों को वहां से भी प्रकाश जरवाल द्वारा हटवा दिया गया.' नोट के अनुसार प्रकाश जरवाल और उसके सहयोगी से जान से मारने की धमकी भी मिल रही थी और धमकियों से जीना मुश्किल हो गया था.