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JNU के असिस्‍टेंट प्रोफेसर पर साहित्यिक चोरी का आरोप, कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल

विश्वविद्यालय में तुर्की भाषा पढ़ाने वाले प्रोफेसर की नियुक्ति को रद्द करने की मांग भी जनहित याचिका में की गई है.

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JNU के असिस्‍टेंट प्रोफेसर पर साहित्यिक चोरी का आरोप, कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल

फाइल फोटो

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर पर एक जनहित याचिका के जरिए लगाये गये साहित्यिक चोरी के आरोपों पर केंद्र और विश्वविद्यालय से उनका रुख पूछा है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने सहायक प्रोफेसर को नोटिस जारी कर याचिका में उन पर लगाए गए आरोपों पर जवाब पूछा है. विश्वविद्यालय में तुर्की भाषा पढ़ाने वाले प्रोफेसर की नियुक्ति को रद्द करने की मांग भी याचिका में की गई है.

जनहित याचिका
अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 21 सितंबर तय की है. जिरह के दौरान पीठ ने विश्वविद्यालय से पूछा कि जामिया मिलिया इस्लामिया में तुर्की भाषा में डिप्लोमा की मौखिक परीक्षा के दौरान जब व्यक्ति को 100 में से सिर्फ 33 अंक मिले, तब ऐसे में उसे सहायक प्रोफेसर कैसे नियुक्त किया गया. सहायक प्रोफेसर ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से तुर्की भाषा में डिप्लोमा लिया है.

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100 में से मिले 33 नंबर
अदालत ने पूछा, ''उन्हें मौखिक परीक्षा में 100 में सिर्फ 33 अंक मिले, फिर भी वह अब प्रोफेसर हैं.'' जेएनयू का कहना है कि लिखित परीक्षा में उन्हें 100 में 70 से ज्यादा अंक मिले थे. हालांकि याचिका दायर करने वाले जामिया के तुर्की भाषा के एक छात्र का कहना है कि मौखिक परीक्षा में 100 में से मात्र 33 अंक मिलने के कारण वह पाठ्यक्रम में फेल हो गये थे.
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याचिका दायर करने वाले ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रोफेसर ने ''तुर्की भाषा में साहित्य रचना की चोरी कर, 2012 में उसे 'तुर्की भाषा सीखने का नया तरीका' शीर्षक से अपने नाम से प्रकाशित करवाया है.'' याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि जेएनयू के साथ नौकरी करने और वहां से वेतन लेने के दौरान उक्त प्रोफेसर तुर्की के अतातुर्क विश्वविद्यालय से तुर्की भाषा में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे थे. पीठ ने जब इस संबंध में जेएनयू से सवाल किया तो विश्वविद्यालय ने कहा कि वह बतौर अतिथि प्रोफेसर काम कर रहे थे, उन्हें सिर्फ मानदेय मिलता था.

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इनपुट: भाषा

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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