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मतदाता सूची मामले में आप और भाजपा नेताओं में घमासान, अरविंद केजरीवाल बोले- चुनाव आयोग को बना दिया बीजेपी दफ्तर

चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली के लोगों को मतदाता सूची के संबंध में "भ्रामक" कॉलों की जांच के लिए दिल्ली पुलिस से कहने के कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नाराजगी जाहिर की

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मतदाता सूची मामले में आप और भाजपा नेताओं में घमासान, अरविंद केजरीवाल बोले- चुनाव आयोग को बना दिया बीजेपी दफ्तर

दिल्ली की राजनीति में मतदाता सूची मामला चर्चा का विषय बना हुआ है

खास बातें

  1. मतदाता सूची मामले में आप और बीजेपी नेताओं में घमासान
  2. अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयुक्त के प्रति जताई नाराजगी
  3. बीजेपी ने आप पर लोगों को गुमराह करने का लगाया आरोप
नई दिल्ली:

चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली के लोगों को मतदाता सूची के संबंध में "भ्रामक" कॉलों की जांच के लिए दिल्ली पुलिस से कहने के कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के दफ्तर में तब्दील हो गया है, जिससे आप और भगवा दल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आप की मान्यता रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी आप के स्वयंसेवक लोगों को फोन करके बता रहे हैं कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है और पार्टी संयोजक उन्हें फिर से जोड़ रहे हैं.    

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केजरीवाल ने ट्वीट किया, चुनाव आयोग को भाजपा कार्यालय में बदलने के लिए आपके चुनाव आयुक्तों को इस्तीफा दे देना चाहिए.शर्मनाक, मोदीजी हर संस्थान को नष्ट कर रहे हैं. हम भाजपा को उसकी साजिश में कामयाब नहीं होने देंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला किया और उनसे कहा कि चुनाव आयोग और पुलिस को "गलत, गंदे" कृत्यों में लिप्त न करें, और कहा कि देश किसी भी पार्टी या व्यक्ति की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है. 



तिवारी ने आप पर लोगों को ‘गुमराह'करने और समाज में ‘अशांति'पैदा करने का आरोप लगाया. उन्होंने ट्वीट किया, भारत के संविधान का सम्मान नहीं करने वाले एक राजनीतिक दल द्वारा गंभीर अपराध किया गया है. नागरिकों को गुमराह करने और समाज में अशांति पैदा करने की कोशिश के लिए आम आदमी पार्टी की मान्यता रद्द की जानी चाहिए. दिल्ली पुलिस को कई प्राथमिकियां दर्ज करनी चाहिए और दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए. ''    

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बता दें कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने शनिवार को उन फोन कॉल के प्रति लोगों को आगह किया था जिनमें निर्वाचन सूची से लोगों का नाम हटाने का दावा किया गया है. निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया था कि निर्वाचन पंजीयन अधिकारी के सिवा कोई भी उनका नाम निर्वाचन सूची में न शामिल कर सकता है और न हटा सकता है. अब सीईओ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से मामले की जांच करके असल स्थिति का पता लगाने को कहा है. पुलिस को की गई शिकायत में कहा गया है, ‘‘इस संबंध में प्राप्त हुई विभिन्न लिखित शिकायतें इसके साथ संलग्न हैं. पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि उपरोक्त शिकायतों में दिए गए कथन की असलियत का पता लगाने के लिए मामले की अच्छी तरह से जांच करने की जरूरत है और कानून के तहत जरूरी कार्रवाई की जाए.'' दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता मधुर वर्मा ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं और उचित कार्रवाई करेंगे. 

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