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दिल्ली के प्रदूषण पर ईपीसीए की मानें या ग्रीन ट्रिब्यूनल की! अधिकारी और ट्रांसपोर्टर परेशान

10 नवंबर से ट्रकों के प्रवेश पर लगी पाबंदी, निर्माण पर लगी रोक और चार गुना पार्किंग चार्ज पर दिल्ली सरकार, नगर निगम, ईपीसीए और ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसलों से असमंजस

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दिल्ली के प्रदूषण पर ईपीसीए की मानें या ग्रीन ट्रिब्यूनल की! अधिकारी और ट्रांसपोर्टर परेशान

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: दिल्ली में 10 नवंबर से ट्रकों के प्रवेश पर लगी पाबंदी, निर्माणों कार्यों पर लगी रोक और चार गुना पार्किंग चार्ज पर दिल्ली सरकार, नगर निगम, ईपीसीए और ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले पर अधिकारियों में असमंजस का माहौल है.

ईपीसीए ने गुरुवार को प्रदूषण का स्तर देखकर ट्रकों के दिल्ली प्रवेश पर लगी पाबंदी हटा दी है जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार का प्रदूषण देखकर ट्रकों और निर्माण कार्यों पर लगी पाबंदी हटाने की बात कही है. यहीं से कन्फ्यूजन की स्थिति बनी है.

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दरअसल दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के पर जहां एक तरफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में सुनवाई चल रही है वहीं गुरुवार की सुबह ईपीसीए यानि पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने डीजल ट्रकों पर लगा बैन, चार गुना पार्किंग वसूलने और निर्माण कार्य पर लगी पाबंदी हटाने का फैसला कर लिया. हालांकि गुरुवार को ही जब ग्रीन ट्रिब्यूनल की सुनवाई हुई तो उसमें दिल्ली सरकार के वकील ने ईपीसीए के फैसले का हवाला भी दिया लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा कि शुक्रवार को प्रदूषण का स्तर देखकर इस पर फैसला लिया जाएगा. मीडिया ने इसका मतलब निकाला कि ट्रकों के प्रवेश और निर्माण कार्यों पर लगी पाबंदी शुक्रवार तक लागू रहेगी. लेकिन उसके बाद ईपीसीए की तरफ से बाकायदा दिल्ली के मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को लिखे एक पत्र में कहा गया कि 8 नंवबर के प्रदूषण को देखते हुए निर्माण कार्यों और ट्रकों के प्रवेश पर जो पाबंदी लगाई थी उसे 16 नवंबर से हटाया जाता है.

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ईपीसीए की तरफ से आए निर्देश के बाद नगर निगम ने पार्किंग और निर्माण कार्यों पर लगी रोक को हटाने का नोटिफीकेशन जारी कर दिया...शाम को ट्रांसपोर्ट आफिस की तरफ से ट्रकों के प्रवेश पर लगी पाबंदी को हटाने का नोटिफिकेशन आ गया. लेकिन जब इस संबंध में उप राज्यपाल आफिस से बात करने की कोशिश की गई कि तो बताया गया कि संबंधित विभाग ही इसके बारे में जानकारी देंगे. सवाल यह उठता है कि अगर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को जब शुक्रवार को दिल्ली सरकार से प्रदूषण के स्तर का डाटा मांगकर फिर ट्रकों पर लगी पाबंदी, निर्माण कार्य पर लगी रोक को हटाने का फैसला लेना है तो फिर एक के बाद एक नोटिफीकेशन कैसे आ गए.


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