दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, जबरन वसूल रहे दो साल की फीस

सातवें वेतन आयोग के तहत टीचरों को सैलरी देने के नाम पर बीते दो साल का बकाया अभिभावकों से वसूला जा रहा

दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, जबरन वसूल रहे दो साल की फीस

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  • दिसंबर में बनी दिल्ली सरकार की फीस विसंगति समिति अस्तित्व में नहीं
  • स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस न देने पर बच्चों के रिजल्ट रोक लिए
  • दिल्ली सरकार के मुताबिक स्कूल की मनमानी गैरकानूनी
नई दिल्ली:

दिल्ली में आजकल प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से विद्यार्थियों के माता-पिता परेशान हैं. स्कूल बच्चों के माता-पिता से बढ़ी हुई फीस तो मांग ही रहे हैं सातवें वेतन आयोग के तहत टीचरों को सैलरी देने के नाम पर बीते दो साल का बकाया भी मांग रहे हैं.

पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी में रहने वाली समीक्षा शर्मा की बेटी को स्कूल ने सेकंड क्लास का रिजल्ट देने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि उन्होंने स्कूल की 600 रुपये महीने की बढ़ी हुई फीस और सातवें आयोग के नाम पर मांगा जा रहा सात हजार रुपये बकाया देने से इनकार कर दिया. समीक्षा के मुताबिक 'स्कूल ने हमसे दिसंबर में फीस मांगी. सातवें वेतन आयोग के नाम पर हमसे करीब चार हज़ार रुपये लिए. इसके बाद अप्रैल में इन्होंने वापस नोटिस अपने वेबसाइट पर डाल दिया है कि सात हजार रुपये का बकाया आप तीन तारीख तक जमा कराओ साथ में ट्यूशन फीस भी बढ़ा दी गई है. हमने मना किया कि आपके पास DOE का कोई आर्डर नहीं है तो आप फीस क्यों बढ़ा रहे हो? तो वे बोले हमारे प्रबंधन ने कहा है. और जब हमने नहीं दिया तो इन्होंने रिजल्ट रोक लिया.'

यह भी पढ़ें : यूपी में अब मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे स्‍कूल, योगी सरकार ने इस प्रस्‍ताव को दी मंजूरी

यही नहीं समीक्षा शर्मा ने बताया कि वे इसकी शिकायत करने दिल्ली सरकार की बनाई फीस विसंगति समिति गईं, जिसको दिसंबर में बनाया ही ऐसी समस्या से निपटने के लिए था. वहां शिक्षा विभाग ने ऐसी किसी समिति के होने से ही मना कर दिया. समीक्षा ने बताया कि 'शिक्षा निदेशालय यानी DOE के जोन के आफिस में गए थे. फीस अनोमली कमेटी में शिकायत करने, लेकिन वहां कहा गया कि ऐसी कोई समिति नहीं है.'

बीते कुछ महीनों से दिल्ली में स्कूल मनमाने तरीके से न सिर्फ़ फीस बढ़ा रहे हैं बल्कि सातवें वेतन आयोग के हिसाब से टीचरों को वेतन देने के नाम पर एक जनवरी 2016 से बकाया भी वसूल रहे हैं. दिल्ली सरकार के मुताबिक स्कूल की मनमानी गैरकानूनी है. दिल्ली के शिक्षा मंत्री की सलाहकार आतिशी मर्लिना के मुताबिक 'प्राइवेट स्कूल फीस नही बढ़ा सकते. अगर कोई प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ा रहा है, सातवें वेतन आयोग के नाम से और बकाया ले रहा है, तो वह 100% गैरकानूनी है. हम सभी तरह की शिकायतों पर कार्रवाई कर रहे हैं.'

जबकि स्कूलों का कहना है टीचरों को वेतन का बकाया देना है तो उसकी वसूली तो माता-पिता से करनी ही होगी. दिल्ली प्राइवेट स्कूल संघ के अध्यक्ष आरसी जैन के मुताबिक 'सरकार ये कह दे कि आपको सातवां वेतन आयोग एक अप्रैल 2018 से लागू करना है तो हमको बकाया नहीं देना पड़ेगा और न हम लेंगे. फिर अगर कोई स्कूल एरियर लेता है तो उस पर आप एक्शन ले लें. या फिर सरकार अपने फंड से स्कूलों को फंड दे दे तो हम उससे टीचरों को दे देंगे और माता-पिता से नहीं वसूलेंगे.'

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

VIDEO : यूपी में मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे स्कूल

बीते दो साल में दिल्ली में सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर खूब नकेल कसी जिसके चलते कुछ स्कूलों ने तो बढ़ी हुई फीस या तो वापस की या एडजस्ट की और सरकार ने वाहवाही लूटी. लेकिन अब जब माता-पिता से दो साल का बकाया मांगा जा रहा है तो सरकार का कड़ा रोल और कड़ा रुख गायब सा नजर आ रहा है.