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पंजाब और गोवा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी में फूट के आसार!

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पंजाब और गोवा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी में फूट के आसार!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया...

नई दिल्ली: दिल्ली में धमाकेदार जीत के बाद अपनी एक अलग छाप छोड़ने वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने दिल्ली से बाहर पहली बार पंजाब और गोवा में चुनाव लड़ा. दोनों ही राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद पार्टी को पंजाब में दूसरा स्थान मिला वहीं गोवा में पार्टी का खाता भी नहीं खुला.

पंजाब और गोवा में चुनाव में हार को पार्टी स्वीकार नहीं कर पा रही है. पार्टी की ओर से खुद मुख्यमंत्री और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग से ईवीएम की शिकायत की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के 20-25 प्रतिशत वोट अकाली दल और बीजेपी को चले गए हैं. उन्होंने इसकी जांच की मांग की.
 
satish upadhyay
(दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय)

पार्टी यहां यह राजनीति कर रही है वहीं दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने एक ट्वीट कर दावा किया है कि उनको लोगों ने बताया है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में विभाजन की कगार पर पहुंच गई है. सतीश उपाध्याय का दावा है कि पार्टी में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के एक दल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आवाज बुलंद की है. उपाध्याय का दावा है कि आम आदमी पार्टी के भीतर इस कलह की वजह गोवा और पंजाब में पार्टी को मिली बड़ी हार है. बता दें कि सतीश उपाध्याय ने अपने इस ट्वीट में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को टैग भी किया है.
बता दें कि पंजाब में चुनाव में एक रैली को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री होंगे. यह अलग बात है कि बाद में खुद केजरीवाल ने स्पष्ट किया था कि वह पंजाब के सीएम नहीं बनेंगे. पंजाब का सीएम पंजाब से ही होगा.

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी पार्टी पंजाब और गोवा में एकतरफा जीत हासिल करने का दावा किया था. यह अलग बात है कि पार्टी का सीएम चेहरा गोवा में जीत तक दर्ज नहीं करा सका. गोवा में पार्टी को केवल 6 फीसदी मतदाता ने वोट दिया. उधर पंजाब में पार्टी ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं पार्टी का मतप्रतिशत अकाली दल से भी कम रहा फिर भी पार्टी अकाली दल से ज्यादा सीटे जीतने में कामयाब रही.

अब पार्टी का पूरा ध्यान गुजरात में होने वाले विधानसभा पर है और उससे पहले पार्टी दिल्ली के एमसीडी चुनावों पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

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बता दें कि दिल्ली में एमसीडी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. 22 अप्रैल को मतदान होगा और 25 अप्रैल को मतगणना होगी.  तारीख का ऐलान होते ही अचार संहिता लागू हो गई है. नोटिफीकेशन 27 मार्च को होगा और 3 अप्रैल को नॉमिनेशन की अंतिम तारीख होगी. 8 अप्रैल नॉमिनेशन वापस लेने की तारीख है. 25 को मतगणना होगी. उम्मीदवारों को चुनाव में 5 लाख 75 हजार रुपए खर्च करने की सीमा है. 42 वार्ड उत्तर, 45 वार्ड दक्षिण, 27 वार्ड पूर्वी नगर निगम के महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे. 1 करोड़ 32 लाख वोटर हैं. 14 हजार पोलिंग स्टेशन हैं. एक हजार पोलिंग स्टेशन पिछली बार से ज्यादा है. Evm मशीन पर उम्मीदवारों के फोटो भी लगे होंगे. EVM मशीन की पहले चरण की जांच हो चुकी है.

 


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