आप विधायकों पर 6 सालों में दर्ज हुए 111 केस, 64 मामले कोर्ट में हो गए खारिज

दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक पटियाला हाउस कोर्ट ने अब तक दिल्ली के मुख्यमंत्री उप- मुख्यमंत्री और आप विधायकों के खिलाफ 64 मामले खारिज कर दिए हैं.

आप विधायकों पर 6 सालों में दर्ज हुए 111 केस, 64 मामले कोर्ट में हो गए खारिज

फाइल फोटो

खास बातें

  • 6 साल के दौरान आप विधायकों पर दर्ज हुए 111 केस
  • 64 मामलों को कोर्ट ने राहत देते हुए किया खारिज
  • कोर्ट ने 3 विधायकों को ठहराया दोषी, 2 को जुर्माना लगाकर छोड़ा
नई दिल्ली:

दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक पटियाला हाउस कोर्ट ने अब तक दिल्ली के मुख्यमंत्री, उप- मुख्यमंत्री और आप विधायकों के खिलाफ 64 मामले खारिज कर दिए हैं. आम आदमी पार्टी के 33 विधायकों पर 2012 से लेकर 2018 तक के 6 साल के दौरान कुल 111 ऐसे मामले दर्ज हुए जिसमें अदालत में चार्जशीट दाखिल हुई इनमें से 64 मामलों में आम आदमी पार्टी के विधायकों को अदालत ने राहत देते हुए केस खारिज कर दिए. जबकि केवल 3 विधायकों पर दर्ज मामले में कोर्ट ने विधायकों को दोषी पाया और इन 3 में से भी दो में कोर्ट ने जुर्माना लगाकर छोड़ दिया. आम आदमी पार्टी के विधायकों के खिलाफ जो मामले अदालत में गिरे हैं उनमें सबका का हाल यही है कि पुलिस ने मामला दर्ज किया चार्जशीट दाखिल की लेकिन आरोप तय होने से पहले ही अदालत ने केस रद्द कर दिए क्योंकि उसको ये केस हल्के लगे या सुबूत नाकाफ़ी लगे इसलिए  विधायकों को बरी कर दिया.

प्रकाश राज ने की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात, AAP नेता से मांगी ये सलाह

आपराधिक मामले
अरविंद केजरीवाल पर कुल 12 मामले देशभर में थे जिसमें से 4 दिल्ली के मामले में और एक मुम्बई में केजरीवाल बरी हो चुके हैं. आपको याद होगा कि अगस्त 2012 में अरविंद केजरीवाल,मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास, गोपाल राय,संजय सिंह,प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने कोयला घोटाले का मुद्दा उठाते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के घर के बाहर धरना प्रदर्शन किया थ. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं पर दंगा करने और भड़काने, सरकारी अफसर के साथ मारपीट करने, हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे संगीन मामलों के तहत केस दर्ज किया था. मामला दर्ज होने के 6 साल बाद यानी जुलाई 2018 में ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा की अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों ने किसी भी प्रकार का कोई भी दंगा या हिंसा नहीं की बल्कि अपने प्रजातांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया है जो कि गैर-कानूनी नहीं है और यह कहते हुए केस खारिज कर दिया.

केंद्रीय मंत्री विजय गोयल संग मुलाकात पर AAP छोड़ने वाले एचएस फुल्का बोले- हम अच्छे दोस्त हैं

मानहानि मामले
इन 111 मामलों में से 10 मामले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर दर्ज मानहानि के मामले थे जिसमें से 4 में माफ़ी मांगकर केस खत्म हो गए, 4 में कोर्ट ने बरी कर दिया और 2 केस लंबित हैं. इन मामलों में वह मानहानि का मामला भी था जो 2013 में तत्कालीन शीला दीक्षित के पॉलिटिकल सेक्रेटरी रहे पवन खेड़ा ने अरविंद केजरीवाल के ऊपर किया था. आरोप था कि अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को बिजली कंपनियों का 'दलाल' कहा है. इस मामले में कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को दोषी नहीं पाया. दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर ने अरविंद केजरीवाल पर पुलिस को 'ठुल्ला' कहने पर मानहानि का केस किया था. अदालत को ठुल्ला शब्द कोई मानहानि नहीं लगी, अरविंद केजरीवाल को बरी कर दिया गया. जबकि चार मानहानि के मामलों में अरविंद केजरीवाल ने माफी मांग कर केस खत्म करवा दिया. जिन में अरुण जेटली,नितिन गडकरी कपिल सिब्बल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के आपराधिक मानहानि के केस शामिल हैं. फिलहाल अरविंद केजरीवाल पर दो मानहानि के केस लंबित हैं.

अब तक इन तीन मामलों में आप विधायक दोषी साबित हुए
1. देविंदर सहरावत- 2013 विधानसभा चुनाव के दौरान पोस्टर लगाने का मामला था- कोर्ट ने कहा कि पहला अपराध है इसलिए माफ करते हैं
2. सहीराम राम पहलवान- 2015 में MCD का कोई काम रुकवाने और मारपीट का आरोप था. नवंबर 2018 में निचली अदालत ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया लेकिन सेशन कोर्ट ने इसको डेढ़ लाख कर दिया और धारा भी हल्की करके राहत दी.
3. प्रकाश जारवाल- 2015 में।एक महिला ने आरोप लगाया की विधायक ने उसके साथ छेड़छाड़ की है मगर दिसंबर 2018 में ट्रायल कोर्ट ने माना कि मामला छेड़छाड़ का नहीं बल्कि बल प्रयोग का है. एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया.

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बदली तस्वीर
जनवरी 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय की एक याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि पूरे देश के सांसदों और विधायकों के खिलाफ जितने भी केस लंबित हैं उनका निपटारा 1 वर्ष की अवधि के भीतर किया जाए इसके लिए सभी राज्यों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का आदेश भी दिया जिसके बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के अंदर दो विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई गई जिसके बाद ज्यादातर आम आदमी पार्टी नेताओं पर दर्ज मुकदमे औंधे मुंह गिरने लगे. जितने भी मामलों का निपटारा हुआ वह सभी फास्ट ट्रैक कोर्ट के द्वारा ही निपटाए गए.

पंजाब: MLA सुखपाल सिंह खैरा ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, लगाया यह आरोप

आप विधायकों पर फिलहाल लंबित केस
इस समय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 13 विधायकों पर फरवरी 2018 में मुख्य सचिव रहे अंशु प्रकाश से मारपीट के मामले में केस दर्ज है। जिसमें अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर षडयंत्र रचने के आरोप है जबकि विधायक अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जरवाल पर मुख्य सचिव से मारपीट का आरोप है। यह मामला दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट पटियाला हाउस में चल रहा है. इसके अलावा आपको याद होगा जून 2015 में दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को अचानक दिल्ली पुलिस ने फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार कर लिया था जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। यह मामला अभी अदालत में लंबित है.

एचएस फुल्का ने आम आदमी पार्टी छोड़ी, बिना फीस लिए लड़ा था 1984 के दंगा पीड़ितों का केस

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

'पुलिस ने बनाये थे फर्ज़ी केस'
आम आदमी पार्टी के वकील ऋषिकेश कुमार के मुताबिक ' ज्यादातर मामलों में मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री और विधायक डिस्चार्ज हो रहे हैं क्योंकि पुलिस ने झूठा केस बनाया है। ऐसे ऐसे फर्जी मामले हैं जैसे कि मैं आपको उदाहरण देता हूं जैसे 2016 में हमारे मटियाला से विधायक गुलाब सिंह यादव को दिल्ली पुलिस गुजरात से गिरफ्तार करके ले आई। उन पर उगाही का आरोप लगाया गया।  2 साल से ज्यादा का समय हो चुका है दिल्ली पुलिस इस मामले में अभी तक चार्जशीट भी दाखिल नहीं कर पाई है।  अगर वाकई इतना बड़ा मामला था इतना संगीन जुर्म था तो दिल्ली पुलिस ने तक चार्ज क्यों नहीं दाखिल करी?'

Video:AAP और कांग्रेस क्या चुनाव में भी मिलाएंगे हाथ?