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पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने पर उपग्रह से नजर रखेगी सरकार

पंजाब और हरियाणा में किसानों द्वारा फसलों के अवशेष के रूप में बची पराली को बड़े पैमाने पर जलाने से उठा धुआं दिल्ली में प्रदूषण जनित धुंध का कारण बन रहा है.

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पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने पर उपग्रह से नजर रखेगी सरकार

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

खास बातें

  1. फसलों के अवशेष के रूप में बची पराली को जलाते हैं किसान.
  2. पंजाब और हरियाणा में सबसे ज्यादा होती है पराली जलाने की घटनाएं.
  3. अब उपग्रह से नजर रखेगी सरकार.
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण पर रोकथाम लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने राजधानी के आस-पास के इलाको में किसानों द्वारा पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उपग्रह आधारित तकनीक के इस्तेमाल पर अम्ल करने का विचार बनाया है. पंजाब और हरियाणा में किसानों द्वारा फसलों के अवशेष के रूप में बची पराली को बड़े पैमाने पर जलाने से उठा धुआं दिल्ली में प्रदूषण जनित धुंध का कारण बन रहा है. इस पर रोक लगाने के तमाम उपाय निष्प्रभावी साबित होने के बाद केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को उपग्रह से निगरानी करने का उपाय, अपनाना पड़ा है.

बीते दो दिनों में दिल्ली एनसीआर में दमघोंटू धुएं की समस्या गहराने के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण और दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा इस समस्या से निपटने के लिए सरकार से किए गए उपायों की जानकारी मांगी गई. इसके जवाब में पर्यावरण मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्रुति राय भारद्वाज की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि मंत्रालय ने दिल्ली और आसपास के राज्यों में किसानों द्वारा पराली जलाने पर उपग्रह से निगरानी करने और मौसम में बदलाव का अध्ययन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

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उल्लेखनीय है कि पंजाब और हरियाणा में किसानों द्वारा पराली जलाने पर लगाई गई रोक को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है. केन्द्रीय पदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी अपनी ताजा रिपोर्ट में इस प्रतिबंध के प्रभावी नहीं हो पाने की वजह से दिल्ली में दूषित धुंध का संकट गहराने की आशंका जताई है.

इस बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों ने इस समस्या के समाधान के लिए केन्द्र सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. दिल्ली सरकार ने धुंध के गुबार को कृत्रिम बारिश से दूर करने के लिए केन्द्र सरकार से हेलीकाप्टर मुहैया कराने को कहा है. वहीं पंजाब और हरियाणा सरकार ने पराली को जलाने के लिए किसानों को वैकल्पिक तकनीकी मदद मुहैया कराने की केन्द्र सरकार से मांग की है. भारद्वाज ने उच्च न्यायालय को भेजे जवाब में कहा है कि पराली जलाने पर रोक को प्रभावी बनाने के लिए उपग्रह से निगरानी कर इसकी सटीक जानकारी संबद्ध राज्य सरकार को दी जाएगी. जिससे इस पर तत्काल कार्रवायी की जा सके.

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इसके अलावा राज्य सरकारों से उपग्रह आधारित निगरानी रिपोर्ट पर की गई कार्रवायी के बारे में हर सप्ताह रिपोर्ट ली जाएगी. इसके अलावा मंत्रालय सभी संबद्ध राज्य सरकारों के माध्यम से स्थानीय निकायों एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर समस्या के साझा उपायों को अमल में ला रहा है.
 


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