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बीए में पढ़ने वाले स्टूडेंट ने बनाया 7 बच्चों का गैंग, चोरी की बाइक के साथ करते थे ऐसा, पुलिस ने यूं दबोचा

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने वाहन चोरों के ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसे बीए में पढ़ने वाला स्टूडेंट ऑपरेट कर रहा था.

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बीए में पढ़ने वाले स्टूडेंट ने बनाया 7 बच्चों का गैंग, चोरी की बाइक के साथ करते थे ऐसा, पुलिस ने यूं दबोचा

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  1. बीए का स्टूडेंट चलाता था गिरोह
  2. बच्चों से करवाता था चोरी
  3. पुलिस ने यूं दबोचा
नई दिल्ली:

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने वाहन चोरों के ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसे बीए में पढ़ने वाला स्टूडेंट ऑपरेट कर रहा था. इस गैंग में वाहन चोरी करने वाले 7 नाबालिग बच्चों के साथ गैंग के सरगना समेत चार बदमाश पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 9 मोटरसाइकिल सहित एक स्कूटी एक मोटर साइकिल की चेचिस भी बरामद की है. बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है जबकि नाबालिक चोरों को जुवेनाइल कोर्ट में पेश करने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया है.

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पुलिस की गिरफ्त खड़े प्रिंस, अंकित, लोकेश और राहुल शातिर किस्म के वाहन चोर है. प्रिंस इस गिरोह का सागना है जो दादरी के ही एक कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रहा है. प्रिंस ने अंकित, लोकेश और राहुल के साथ मिल कर गैंग बनाया. इसके बाद इस गैंग में नाबालिक बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने गैंग में शामिल कर लिया और उसके बाद नाबालिग बच्चों के माध्यम से मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा. प्रिंस का मानना था की ये मासूम बच्चे अगर चोरी करते समय पकड़े भी जाते आसानी से छूट जाते थे. 


इस गैंग ने एक माह 11 मोटरसाइकिल चोरी व स्कूटी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया. जिसके चलते दादरी पुलिस लगातार हो रही चोरी की वारदातों के पड़े से परेशान होकर चेकिंग अभियान चलाई हुई थी इस दौरान प्रिंस और लोकेश को पकड़ लिया. इनसे गहन पूछताछ से इस गैंग का खुलासा हुआ और चोरी की मोटरसाइकिल चोरी व स्कूटी बरामद हो गई.

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पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों में लोकेश की अहम भूमिका होती थी. प्रिंस और राहुल चोरी की मोटरसाइकिल लोकेश की दुकान पर भेज दिया करते थे. जिसका बाइक रिपेयरिंग का वर्कशॉप है. जहां से वह इन मोटरसाइकिलों को 22 सौ रुपये से लेकर 5 हजार रुपए में बेच दिया करता था. अगर कोई मोटरसाइकिल बिक नहीं पाती थी तो उसके सामान को खोल कर दूसरे मोटरसाइकिल में लगा दिया करता था.

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पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस गैंग में शामिल सात नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हे पुलिस ने पकड़ा है. बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग चोरों को जुवेनाइल कोर्ट में पेश करने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया है.



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