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घर वापसी के बाद भी तलवार दंपति 'मुद्दे' पर बात करने को तैयार नहीं

2008 की यह डबल मर्डर केस मिस्ट्री पूरे मीडिया में लगातार छाई रही. इस केस की पॉपुलेरिटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस केस पर दो-दो फिल्में तक बनाई जा चुकी हैं.

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घर वापसी के बाद भी तलवार दंपति 'मुद्दे' पर बात करने को तैयार नहीं

जेल से निकलने के बाद डॉ नूपुर और डॉ राजेश तलवार.

खास बातें

  1. सीबीआई अदालत ने तलवार दंपती को हत्या का दोषी माना था
  2. हाईकोर्ट ने तलवार दंपती को आरोपों से बरी किया
  3. चार साल बाद जेल से रिहा हुआ दंपती
नई दिल्ली: तलवार दंपती यानी डॉ राजेश तलवार और नूपुर तलवार को गाजियाबाद की डासना जेल से रिहा कर दिया गया है. हाई कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को जेल से रिहा किया है. तलवार दंपती को अपनी ही बेटी आरुषि और नौकर हेमराज के कत्ल के इलजाम में उम्रकैद की सजा दी गई थी, लेकिन हाईकोर्ट  में केस की सुनवाई को बाद दोनों को कोर्ट ने बरी कर दिया है.  2008 की यह डबल मर्डर केस मिस्ट्री पूरे मीडिया में लगातार छाई रही. इस केस की पॉपुलेरिटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस केस पर दो-दो फिल्में तक बनाई जा चुकी हैं. लेकिन अब जब तलवार दंपती के जेल से घर वापसी हो गई है तब परिवार के लोगों का कहना है कि वे दोनों अभी इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार नहीं है. 

 परिवार के सदस्य दिनेश तलवार ने कहा कि  नूपुर और राजेश तलवार अपनी बेटी को खो देने के दर्द से कभी नहीं उबर पाएंगे, लेकिन एक सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश करेंगे. राजेश के भाई दिनेश तलवार ने कहा कि दंत चिकित्सक दंपति मीडिया से बात करने की स्थिति में नहीं हैं. बता दें कि आरुषि के माता-पिता आज सोमवार को गाजियाबाद की डासना जेल से रिहा हुए. पुलिस तलवार दंपति को नोएडा के जलवायु विहार स्थित आरुषि के नाना-नानी के घर ले गई.

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यह भी पढ़ें : आरुषि-हेमराज मर्डर केस में 4 साल बाद बरी किए गए तलवार दंपति डासना जेल से बाहर आए

दिनेश तलवार ने कहा कि आरुषि को खोने का दर्द और उसके खोने का दुख कभी नहीं जा सकता. वे लोग बात करने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि दंपति को 12 अक्तूबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बरी कर दिया था.
VIDEO: जेल से बाहर आए डॉ राजेश और नूपुर तलवार

नोएडा में मीडिया से बात करते हुए दिनेश तलवार ने आरुषि और हेमराज से जुड़ी मीडिया में आई खबरों की ओर इशारा किया और कहा कि वे दोषी नहीं थे. उन्होंने कहा कि इस कहानी में आरुषि और हेमराज का नाम जोड़ा गया. न सिर्फ उसके माता पिता, बल्कि आरुषि के साथ भी यह सलूक किया गया. इस वक्त हम कह सकते हैं कि उनमें से कोई दोषी नहीं है. दिनेश ने कहा कि आरुषि अच्छी लड़की थी और हेमराज भी बुरा नहीं था. 
 


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