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जेएनयू के छात्र कृष के परिवार ने कहा- उसने खुदकुशी नहीं की; हत्या की गई, सीबीआई जांच की मांग

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जेएनयू के छात्र कृष के परिवार ने कहा- उसने खुदकुशी नहीं की; हत्या की गई, सीबीआई जांच की मांग

जेएनयू के छात्र रजनी कृष की मौत को लेकर उसका परिजन का आरोप है कि उसकी हत्या की गई.

खास बातें

  1. पुलिस और परिवार के बीच विवाद के चलते नहीं हुआ पोस्टमार्टम
  2. उचित मुआवजा देने की मांग की, दलित और वामपंथी संगठन एकजुट
  3. रोहित वेमुला का अच्छा दोस्त था रजनी कृष
नई दिल्ली: सोमवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक दलित छात्र रजनी कृष ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली. मौत से पहले उसने अपनी फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट लिखकर यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भेदभाव के आरोप लगाए. कृष के परिवार के मुताबिक वह आत्महत्या नहीं कर सकता. उसकी हत्या की गई है. उसका परिवार मामले की सीबीआई जांच कराने और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहा है. कृष के परिवार और पुलिस के बीच विवाद के चलते मंगलवार को उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका.

रजनी कृष का परिवार उसकी मौत की खबर पाकर दिल्ली पहुंचा. उसके परिवार का कहना है कि कृष आत्महत्या नहीं कर सकता. उसकी हत्या हुई है. परिवार मामले की सीबीआई जांच कराने और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहा है. कृष के साथी भी इंसाफ की मांग कर रहे हैं. इस मामले को लेकर कई दलित और वामपंथी संगठन भी एकजुट नजर आ रहे हैं.

मंगलवार को पोस्टमार्टम के पैनल में अपने हिसाब से डॉक्टर रखने के कारण कृष के परिवार और पुलिस के बीच विवाद हुआ. इस कारण कृष का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को नहीं हो सका. अब पोस्टमॉर्टम बुधवार को हो सकता है.

सोमवार को शाम करीब पांच बजे मुनिरका विहार के एक घर में जेएनयू के छात्र रजनी कृष का शव बरामद हुआ. यह घर कृष के दोस्त गोमेन किम का है जहां वह अपने दो दोस्तों के साथ खाना खाने आया था. पुलिस के मुताबिक खाने के बाद कृष एक कमरे में गया. जब काफी देर तक वह बाहर नहीं आया तो उसके दोस्तों ने कमरे में जाकर देखा. वहां उसका शव पंखे से लटका मिला.

दक्षिण दिल्ली के डीसीपी ईश्वर सिंह के मुताबिक जिस कमरे में कृष लटका हुआ पाया गया उसकी फॉरेंसिक जांच हुई लेकिन उसमें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. कमरे को फिलहाल सील कर दिया गया है.

मौत से कुछ दिन पहले यानि 10 मार्च को कृष ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट लिखा था-  'अगर समानता नहीं है तो कुछ भी नहीं है. एमफिल और पीएचडी एडमिशन में कोई बराबरी नहीं है. वायवा में बराबरी नहीं है, केवल समानता का ढोंग होता है. प्रशासनिक भवन में छात्रों को प्रदर्शन नहीं करने दिया जाता है. हाशिए के लोगों के लिए शिक्षा की बराबरी नहीं है.'

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तमिलनाडु के सेलम का निवासी कृष जेएनयू से एमफिल कर रहा था. वह पांच माह पहले ही दिल्ली आया था. वह रोहित वेमुला और नजीब को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल हुआ था. कृष इससे पहले हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ता था और रोहित वेमुला का अच्छा दोस्त भी था. पुलिस के मुताबिक कृष की जिस कमरे में मौत हुई उसे और उसके होस्टल के कमरे को सील कर दिया गया है. वहां की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. उसके मोबाइल को भी कब्ज़े में ले लिया गया है. पुलिस के मुताबिक अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि वह किन वजहों से परेशान था.


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