पत्रिका का आरोप कि पुलिस ने उसके पत्रकार को हिरासत में लिया और मारपीट की, पुलिस का इंकार

कारवां पत्रिका ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उत्तर दिल्ली के मॉडल टाउन में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान रिपोर्टिंग करते हुए उनके एक पत्रकार को हिरासत में लिया और उसके साथ मारपीट की.

पत्रिका का आरोप कि पुलिस ने उसके पत्रकार को हिरासत में लिया और मारपीट की, पुलिस का इंकार

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

कारवां पत्रिका ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उत्तर दिल्ली के मॉडल टाउन में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान रिपोर्टिंग करते हुए उनके एक पत्रकार को हिरासत में लिया और उसके साथ मारपीट की, लेकिन पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने कानून के मुताबिक काम किया.

पत्रिका ने ट्वीट में आरोप लगाया कि पुलिस ने पत्रकार अहान पेनकर (24) का फोन जबरन लेकर रिपोर्टिंग के दौरान रिकॉर्ड किये गये सारे वीडियो हटा दिये. पत्रिका ने आरोप लगाया कि पत्रकार को करीब चार घंटे तक हिरासत में रखा गया. उसकी नाक, कंधे, पीठ और टखने पर चोट आईं.

पत्रिका ने कहा कि उसने दिल्ली पुलिस आयुक्त से इसकी शिकायत की है. हालांकि पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘झूठा' बताया और कहा कि केवल हालात को बिगाड़ने के लिए आरोप लगाये जा रहे हैं. पुलिस ने दावा किया कि कोरोना वायरस से संबंधित पाबंदियों का उल्लंघन करने के मामले में हिरासत में लिये गये प्रदर्शनकारियों में पत्रकार शामिल था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.

उसने कहा कि पुलिस कार्रवाई कानून के मुताबिक थी. पुलिस ने यह भी कहा कि उसने पत्रकार के बयान के लिए और इस मामले में पूछताछ के लिए उसे नोटिस भेजा है. पुलिस के अनुसार चार अक्टूबर को मॉडल टाउन थाने में एक घरेलू सेविका की खुदकुशी का मामला दर्ज किया गया था.

पुलिस ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किये गये पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह फांसी के फंदे से लटकने की वजह से दम घुटने से हुई और यह आत्महत्या का मामला है. उसने कहा कि वजीरपुर में आठ अक्टूबर को परिवार के सदस्यों ने अंतिम संस्कार किया. जांच में अभी तक कोई षड्यंत्र की बात सामने नहीं आई.

पुलिस उपायुक्त (उत्तर पश्चिम) विजयंत आर्या ने कहा, ‘‘शुक्रवार को कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अनुचित दबाव बनाने और घटना को अलग रूप देने की कोशिश में मॉडल टाउन थाने के बाहर प्रदर्शन किया. मामले के तथ्यों को स्पष्ट करने और तितर-बितर होने की चेतावनियों के बावजूद कुछ लोग अड़े रहे.'' 

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उन्होंने कहा, ‘‘इन लोगों ने महामारी के मद्देनजर लागू डीडीएमए के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया.'' पुलिस अधिकारी ने कहा कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के आदेश के उल्लंघन के मामले में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया.

पुलिस ने दावा किया कि भीड़ में प्रदर्शन करते हुए अहान पेनकर नामक युवक को भी हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)