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गुरुग्राम में खुले में नमाज के विरोध में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

खुले में नमाज़ का विरोध देखते हुए जुमे की नमाज़ के लिए गुरुग्राम में आज सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. पूरे शहर में अलर्ट है. प्रशासन के मुताबिक, शहर के जिन 76 जगहों पर खुले में नमाज़ होती है

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गुरुग्राम में खुले में नमाज के विरोध में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: खुले में नमाज़ का विरोध देखते हुए जुमे की नमाज़ के लिए गुरुग्राम में आज सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. पूरे शहर में अलर्ट है. प्रशासन के मुताबिक, शहर के जिन 76 जगहों पर खुले में नमाज़ होती है, वहां आज भी नमाज़ होगी. सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 76 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं ताक़ि तनाव फैलानेवालों को तुरंत गिरफ़्तार किया जा सके. आसपास के ज़िलों की पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है.

इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा था कि मस्जिदों, ईदगाहों और निजी स्थानों पर ही नमाज अदा की जानी चाहिए. गुड़गांव में कई जगहों पर नमाज अदा करने के दौरान दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा कथित तौर पर बाधा पहुंचाने की घटनाओं के बाद उनकी यह टिप्पणी आई है. साथ ही, खट्टर ने यह भी कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि कानून व्यवस्था बनी रहे.

गौरतलब है कि पिछले दो हफ्तों से दक्षिणपंथी संगठन गुड़गांव में जुमे की नमाज को ‘बाधित’ करने की कोशिश करते हुए आरोप लगा रहे हैं कि कुछ लोग जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं. खट्टर ने कहा था कि हमारा मानना है कि नमाज मस्जिदों और ईदगाहों जैसे धार्मिक स्थलों के परिसरों के अंदर ही अदा की जानी चाहिए तथा जगह की कमी होने पर यह निजी स्थानों पर अदा की जाए.  

पुलिस ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में वजीराबाद, अतुल कटारिया चौक, साइबर पार्क, बख्तावर चौक और साउथ सिटी इलाकों में नमाज को ‘बाधित’ किया गया. उन्होंने बताया कि इसमें कथित रूप से विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू क्रांति दल, गौरक्षक दल और शिवसेना के सदस्य शामिल थे.

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यह पूछे जाने पर कि इस तरह की घटनाओं को देखते हुए कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार की क्या रणनीति होगी, मुख्यमंत्री ने कहा था कि कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है और हम वह करेंगे. हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि सौहार्द बना रहे और कोई तनाव ना हो और हमने अपने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है.  उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा की जाने की घटनाएं ‘बढ़ रही हैं’ और ‘जब तक कोई इस पर आपत्ति नहीं जताता, तब तक तो यह ठीक है लेकिन अगर किसी विभाग या व्यक्ति को इस पर आपत्ति होती है तो हमें विचार करना होगा.’ 

 


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