Khabar logo, NDTV Khabar, NDTV India

विजय माल्या की गिरफ्तारी : मनीष सिसोदिया की मीडिया को सलाह - रागदरबारी जरूर पढ़ लें

ईमेल करें
टिप्पणियां
विजय माल्या की गिरफ्तारी : मनीष सिसोदिया की मीडिया को सलाह - रागदरबारी जरूर पढ़ लें

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया.

खास बातें

  1. विजय माल्या के मामले में पत्रकारों को खरी खोटी सुनाई
  2. माल्या की मीडिया में आई गिरफ्तारी की खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी
  3. मीडिया वालों पर मनीष सिसोदिया गुस्सा जाहिर कर रहे हैं
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 9400 करोड़ रुपये बैंकों का डकार कर भाग जाने वाले किंगफिशर के प्रमुख विजय माल्या के मामले में पत्रकारों को खरी खोटी सुनाई है. मनीष सिसोदिया ने यह ट्वीट शराब कारोबारी रहे विजय माल्या की मीडिया में आई गिरफ्तारी की खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि 'सुनवाई के लिए कोर्ट गए आदमी को गिरफ्तार बताकर, मोदी आरतियां-चालीसाएं लिखने वाले पत्रकारों को एक बार रागदरबारी ज़रूर पढ़ लेना चाहिए.'
  स्पष्ट है कि मीडिया वालों पर मनीष सिसोदिया गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और उन्हें चाटुकार बता रहे हैं. अपने ट्वीट में सिसोदिया का कहना है कि विजय माल्या को गिरफ्तार नहीं किया गया. वह केवल कोर्ट में पेशी के लिए आए थे और मीडिया उन्हें गिरफ्तार बता रहा है.

जहां भारत सरकार की एजेंसियों ने विजय माल्या की गिरफ्तारी की बात कही वहीं, विजय माल्या ने भी भारतीय मीडिया की मसले को बढ़ाचढ़ाकर दिखाने के लिए आलोचना की. माल्या ने अपने ट्वीट में कहा था कि प्रत्यर्पण के लिए कोर्ट में केस शुरू हुआ जैसा की उम्मीद थी.

 
जानकारी के लिए बता दें कि विजय माल्या ने बाकायदा जमानत ली है. जमानत की जरूरत भी उन्हें इस मामले में गिरफ्तारी के बाद पड़ी. खुद लंदन की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने ट्वीट कर यह जानकारी भी दी थी. पुलिस ने बताया कि भारतीय अधिकारियों की प्रत्यर्पण संबंधी अपील पर यह कार्रवाई हुई है.

 
बता दें कि मंगलवार को दोपहर में खबर आई कि भारत के भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया है. शाम तक उन्हें जमानत भी मिल गई. लेकिन इसी के साथ उनके प्रत्यार्पण की जो प्रक्रिया शुरू हो गई है, उसे भारत अपने हक में मान रहा है. वैसे भारतीय समय के मुताबिक करीब तीन बजे स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने विजय माल्या को गिरफ्तार कर वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश किया.

उल्लेखनीय है कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया की शुरुआत भी भारत की कानूनी एजेंसियों के लिए एक बड़ा कदम है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री ने ब्रिटिश सरकार के सामने यह मसला उठाया था. दोनों देशों में प्रत्यर्पण संधि है. ब्रिटेन को यह एक फिट मामला लगा. अदालत द्वारा वारंट जारी किए गए. अब भारत को सीबीआई और उच्चायोग के मार्फत ब्रिटिश अदालत में अपना पक्ष रखना होगा. ऐसे मामलों में आरोपी राजनीतिक इरादों की दुहाई देते हैं. लेकिन भारत के लिए यह टेस्ट केस है. हालांकि भारतीय राजनीति इस मामले में भी आरोप-प्रत्यारोप में उलझी दिखी.  2 मार्च 2016 को भारत से निकल भागने वाले विजय माल्या पर अलग-अलग बैंकों के 9400 करोड़ रुपये बकाया हैं. उनका पासपोर्ट रद्द हो चुका है और उनके नाम गैरजमानती वारंट है. भारत ने यह मामला मजबूती से पेश किया और उनको वापस लाने में कामयाब रहा तो यह बड़ी नज़ीर होगा.
(इनपुट नीता शर्मा से भी)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement

 
 

Advertisement