दिल्ली सरकार के 'कोरोना ऐप' में कोविड मरीजों के लिए बेड के दावे की हकीकत क्या है ?

अरविंद केजरीवाल ने  DELHI CORONA मोबाइल ऐप को लॉन्च करते हुए बताया था कि यह आपको सरकारी और प्राइवेट सभी अस्पतालों के बारे में बताएगा कि इस वक्त किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं और कितने भरे हुए हैं. 

नई दिल्ली:

दिल्ली में एक तरफ़ केजरीवाल सरकार ने कोरोना ऐप निकाला है जिससे कोरोना मरीज़ों को मदद मिल सके लेकिन अब भी कई लोग मरीजों के लिए बिस्तरों की खातिर परेशान हो रहे हैं. कल रात दिल्ली के ग्रेटर कैलाश पार्ट वन, में एक 50 साल की महिला कोरोना पॉज़िटिव पाई गईं, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी. उन्हें दिल्ली सरकार के ऐप की मदद से प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करने की कोशिश होती रही लेकिन ऐप ने हर अस्पताल को फुल बताया.

इसके बाद महिला के परिजनों ने ऑक्सीजन का इंतजाम कर मरीज को स्टेबल किया. रात से ही प्राइवेट अस्पताल में बेड न मिलने के चलते मरीज घर पर ही हैं. जीके रेसीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राजीव कंकारिया ने कहा, ' ये हालत है. सरकारी अस्पताल में जाना नहीं चाहते हैं. प्राइवेट अस्पताल में जगह नहीं है.'

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसी हफ्ते मंगलवार को मोबाइल ऐप 'DELHI CORONA' को लॉन्च किया था. इस ऐप के माध्यम से यह जानकारी हासिल करने का दावा किया गया था कि दिल्ली के किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं. अरविंद केजरीवाल के अनुसार इस ऐप के माध्यम से सूचना की कमी को खत्म करने की कोशिश की जा रही है. 

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अरविंद केजरीवाल ने  DELHI CORONA मोबाइल ऐप को लॉन्च करते हुए बताया था कि यह आपको सरकारी और प्राइवेट सभी अस्पतालों के बारे में बताएगा कि इस वक्त किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं और कितने भरे हुए हैं. 

बता दें कि देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोनावायरस का संक्रमण खतरनाक स्‍तर पर पहुंचता नजर आ रहा है. पिछले कुछ दिनों से दिल्‍ली में कोरोना के केसों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. दिल्‍ली में अब तक कोरोना के 23645 मामले सामने आ चुके हैं.