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क्या वापस होगा अरविंद केजरीवाल को मिला मैग्सेसे पुरस्कार? एक पूर्व सहयोगी ने संस्था को लिखी चिट्ठी

अब अरविंद केजरीवाल के के पूर्व सहयोगी रहे सुनील लाल ने एक बार फिर उन्हें यह पुरस्कार देने वाली संस्था को लिखे पत्र का रिमाइंडर भेजा है और मांग की है कि वे अरविंद केजरीवाल को दिए गए मैग्सेसे पुरस्कार को रद्द कर दें. 

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क्या वापस होगा अरविंद केजरीवाल को मिला मैग्सेसे पुरस्कार? एक पूर्व सहयोगी ने संस्था को लिखी चिट्ठी

अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगी और आईएसी सदस्य सुनील लाल.

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रेमन मैग्सेसे अवार्ड उनके राजनीति में आने से पहले दिया गया था. 2006 में 37 वर्षीय अरविंद केजरीवाल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित यह अवार्ड दिया गया है. उन्हें यह पुरस्कार केजरीवाल को दो वजहों से दिया गया था.  एक कारण था आरटीआई के लिए जागरूकता लाना और प्रयोग करना और दूसरा एंटी करप्शन मुहिम. केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध काफी मुहिम चलाई. 

अब अरविंद केजरीवाल के के पूर्व सहयोगी रहे सुनील लाल ने एक बार फिर उन्हें यह पुरस्कार देने वाली संस्था को लिखे पत्र का रिमाइंडर भेजा है और मांग की है कि वे अरविंद केजरीवाल को दिए गए मैग्सेसे पुरस्कार को रद्द कर दें. 

सुनील लाल से जब इस संबंध में बात की गई तब उनका कहना था कि उन्होंने संस्थान को चिट्ठी पिछले साल 10 मई को लिखी थी लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. इसलिए आज उन्होंने संस्थान को फिर रिमाइंडर भेज जवाब मांगा है. 

बात करने पर उनका कहना है कि संस्थान ने साइट पर लिखा है कि केजरीवाल को दो वजहों से इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इसमें एक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है तो दूसरा आरटीआई. लाल ने कहा कि जब से दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनी है तब से न तो उनके अपने खास विभाग में भ्रष्टाचार कम हुआ है न ही दिल्ली सरकार और खासकर उनके अपने कार्यालय में आरटीआई को लेकर कोई खास रुचि है.

उन्होंने बताया कि जिन दो कारणों से संस्था ने उन्हें मैग्सेसे पुरस्कार दिया था अब जब वह सत्ता में आए हैं दोनों ही जगहों पर वे विफल हैं. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र अनिल गलगले ने दिल्ली सरकार में आरटीआई दायर कर विज्ञापन पर खर्चे का ब्योरा मांगा तो मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी देने से मना कर दिया. वहां दिल्ली शैलेंद्र सिंह ने भी आरटीआई दायर कर जवाब मांगा तो उन्हें भी जवाब नहीं दिया गया. 

वहीं सुनील लाल ने कहा कि जहां तक भ्रष्टाचार की बात है तो यहां भी सरकार पूरी तरह फेल हो गई है. हाल के आरोपों से यह साबित होता है कि दिल्ली सरकार में भ्रष्टाचार व्याप्त है. उन्होंने कपिल मिश्रा के जिक्र करते हुए कहा कि अब अरविंद केजरीवाल पर ही सवाल उठ रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक आईआरएस होने के नाते उन्हें टैक्स विभाग के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना चाहिए था लेकिन आज भी इस विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है. 

अरविंद केजरीवाल के आईएसी से सहयोगी रहे सुनील लाल ने कहा कि मैंने संस्थान को लिखा है कि आपको जांचने में गलती हो गई है. जब इनकी नाक के नीचे यह सब हो रहा है तो आपको पुरस्कार वापस लेना चाहिए.

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सुनील लाल से जब यह पूछा गया कि क्या संस्थान की ओर से कोई जवाब आया. तब उनका कहा है कि वह जवाब की अपेक्षा नहीं करते. यह विरोध है जो वह कर रहे हैं. सुनील लाल ने कहा कि मेरा बस चले तो मैं फिलीपीन में संस्थान के सेंटर के सामने विरोध करने चले जाएं.

इस संबंध में आज उन्होंने ट्वीट भी किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि उनका ट्विटर अकाउंट हैक किया जा रहा है. वे लगातार पासवर्ड बदल रहे हैं लेकिन कुछ शरारती तत्व यह काम कर रहे हैं. सुनील लाल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में ट्वीटर इंडिया से शिकायत भी की है. 
 


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