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क्या दिल्ली में इस बार अंधेरे में ही निपटाई जाएंगी शादियां

हालांकि प्राधिकरण ने आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर बिजली के अस्थायी कनेक्शन देने के आज निर्देश दिए हैं.

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क्या दिल्ली में इस बार अंधेरे में ही निपटाई जाएंगी शादियां

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. डीजल और केरोसिन से चलने वाले जेनरेटरों पर प्रतिबंध
  2. पर्यावरण प्रदूषण प्राधिकरण ने लगाई है रोक
  3. दिल्ली में प्रदूषण कम करने की एक और कवायद
नई दिल्ली:

पर्यावरण प्रदूषण (निरोध एवं नियंत्रण) प्राधिकरण की ओर से बिजली वितरण कंपनियों को डीजल से चलने वाले जेनरेटरों के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध के  बाद से दिल्ली की शादियों पर संकट खड़ा हो गया है. लोगों सवाल कर रहे हैं कि क्या इस बार अंधेरे में शादियां होंगी. हालांकि प्राधिकरण ने आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर बिजली के अस्थायी कनेक्शन देने के आज निर्देश दिए हैं. ईपीसीए ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रतिबंध से छूट के लिए बड़ी संख्या में आए आवेदनों से निपटने के लिए ये निर्देश दिए जिनमें राजनयिक मिशनों ने भी आवेदन दिए हैं. दिल्ली बिजली विभाग ने ईपीसीए अध्यक्ष भूरे लाल को यहां एक बैठक में बताया कि वह शादी, धार्मिक समारोह जैसे कार्यक्रमों को अस्थायी कनेक्शन देने के लिए ‘‘अलग से एक प्रोटोकॉल’’ बना रहा है. अक्सर निर्माण कार्य करा रहे लोगों की ओर से ऐसे कनेक्शनों के लिए आवेदन आते हैं.

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ईपीसीए सदस्य सुनीता नारायण ने कहा, ‘‘हम चाहेंगे कि नवंबर के अंत तक बिजली वितरण कंपनियां 24 घंटे के भीतर अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराए और ऐसे हर आवदेन पर तत्काल कार्रवाई करें.’’ दरअसल दिक्कत यह है कि दिल्ली-एनसीआर में शादियों में अक्सर ऐसे जनरेटरों की जरूरत होती है जिनमें 50 किलोवाट से ज्यादा क्षमता होती है. बीएसईएस ने अपने जवाब में कहा है कि 24 घंटे में 50 किलोवॉट से अधिक का अस्थाई कनेक्शन नहीं करवा जा सकता है.

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वीडियो : प्रदूषण कम करने की कवायद
आपको बता दें कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत दिल्ली में डीजल, केरोसिन ऑइल से चलने वाले जेनसेट पर 17 अक्टूबर से रोक लगा दी है. इस नियम को तोड़ने वाले लोगों पर कार्रवाई भी जाएगी. ऐसा करने वाले पर जुर्माने के साथ जेल भेजे जाने का प्रावधान है. अधिकतम जुर्माना 5 हजार रुपये और सात साल तक की सजा मिल सकती है.

इनपुट : भाषा



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