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दिल्ली का 'राम रहीम' : महिलाओं को आश्रम मेें रखा जाता था कैद, परिजन बाहर से ही रोकर चले जाते थे

दर्जन भर लड़कियों की शिकायत पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जब पुलिस और महिला आयोग की टीम ने छापा मारा तो यह देखकर हैरान रह गई कि कैसे आश्रम में महिलाओं को कैद करके रखा जाता था.

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दिल्ली का 'राम रहीम' : महिलाओं को आश्रम मेें रखा जाता था कैद, परिजन बाहर से ही रोकर चले जाते थे

आश्रम में रेड पड़ने के बाद कई चौंका देने वाली बातें सामने आई हैं.

नई दिल्ली: उत्तरी दिल्ली के रोहिणी विजय विहार में चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम के आश्रम में महिलाओं के शोषण का मामला सामने आया है. इस दर्जन भर लड़कियों की शिकायत पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जब पुलिस और महिला आयोग की टीम ने छापा मारा तो यह देखकर हैरान रह गई कि कैसे आश्रम में महिलाओं को कैद करके रखा जाता था. आश्रम में सात लोहे के गेट लगाए गए थे और 18 तालों में महिलाओं को कैद करके रखा जाता था.  आध्यात्मिक विश्वविद्यालय आश्रम मे कुल दो सौ महिलाएं और नाबालिग लड़कियां मिली हैं. 

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कहां से आता था पैसा
41 नाबालिग लड़कियों गुरुवार को आश्रम से नरेला के एक सामाजिक संस्था के शेल्टर होम में भेजा गया है.  आश्रम में कई तरह की दवाएं मिली है जिनसे महिलाएं बेहोशी जैसी हालत में रहती थीं.  फिलहाल आश्रम में सौ से ज्यादा महिलाएं अब भी मौजूद हैं.   हाईकोर्ट की एसआईटी का कहना है कि बची महिलाओं को भी साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट की जरुरत है. वो तभी मुमकिन है जब इनको इस आश्रम से हटाया जाएगा.  आश्रम के अंदर करीब सात गेट और दर्जनों ताले मिले हैं जिनमें बंद करके महिलाओं को रखा जाता था.  बाहर का कोई भी शख्स आश्रम के अंदर दाखिल न हो इसके लिए बगल में एक नई बिल्डिंग बनाकर उसमें पुरुष दर्जी, कुक, इलेक्ट्रिशियन आदि को रखा जाता था.  आध्यात्मिक विश्वविद्यालय का कोई बैंक खाता नहीं मिला है.  इस आश्रम के लिए पैसा कहां से आता था ये भी जांच का विषय है.  आश्रम के अंदर गुजरात, महाराष्ट्र नंबर की गाड़ियां अक्सर आती रहती थीं.

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कौन है वीरेंद्र देव दीक्षित 
करीब सत्तर साल का ये शख्श मूलरुप से गुजरात का रहने वाला है. कई सालों तक ब्रहकुमारी आश्रम से जुड़े रहने के बाद इसने अपना आश्रम बनाना शुरु कर दिया. फर्रुखाबाद, बांदा और अहमदाबाद में भी इसके खिलाफ जालसाजी, आत्महत्या के लिए उकसाने और रेप जैसे मामले दर्ज हैं. ये शख्श खुद को कृष्ण का अवतार बताता है और महिलाओं को पटरानी. बीते छह महीने से ये दिल्ली के इस आश्रम में नहीं देखा गया है. अब हाईकोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि इस वीरेंद्र देव दीक्षित को तरंत हाजिर किया जाए.

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किलेनुमा है आश्रम
दिल्ली में करीब एक हजार स्क्वायर मीटर में इसका आश्रम फैला है. कई बार आश्रम में रहने वाली महिलाओं को परिजन लेने आते थे लेकिन किलेनुमा बने इस आश्रम के बाहर रोकर चले जाते थे. उन्हें मिलने नहीं दिया जाता था.
 


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