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विनय बंसल की गिरफ्तारी पर ACB ने कहा, 46 प्रतिशत कम दामों पर ठेका दिया गया

दिल्ली ऐंटी करप्‍शन ब्‍यूरो (ACB) ने मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार को गिरफ़्तार किया है.  बताया जा रहा है कि एसीबी ने केजरीवाल के साढू के बेटे विनय बंसल को गिरफ़्तार किया है.

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विनय बंसल की गिरफ्तारी पर ACB ने कहा, 46 प्रतिशत कम दामों पर ठेका दिया गया

फाइल फोटो

नई दिल्ली: दिल्ली ऐंटी करप्‍शन ब्‍यूरो (ACB) ने मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार को गिरफ़्तार किया है.  बताया जा रहा है कि एसीबी ने केजरीवाल के साढू के बेटे विनय बंसल को गिरफ़्तार किया है. ACB के मुताबिक, शिकायत मिली थी कि सुरेंद्र बंसल ने अपनी कंपनी रेणु कंस्ट्रक्शन के नाम पर अनुमानित लागत 4 करोड़ 90 लाख से 46 प्रतिशत नीचे 2 करोड़ 64 लाख पर टेंडर लिया. 

एसीबी के मुताबिक, ये टेंडर करनाल रोड पर बकौली विलेज में नाले बनाने और उनको चौड़ा करने के लिए दिया गया था. शिकायत में प्रोडक्ट क्वालिटी ठीक नहीं होने की बात कही गईं थी. आरोप ये भी लगाया गया था कि इस कंपनी ने सीमेंट, स्टील और दूसरा सामान खरीदे जाने के जो बिल पीडब्लूडी में लगाए है वो फ़र्ज़ी है. माल महादेव इम्पेक्स नाम की कंपनी से खरीदा दिखाया गया था. जांच में ये महादेव इम्पेक्स कम्पनी से सीमेंट और लोहा खरीदने का पता लगा, लेकिन ये कम्पनी अस्तित्व में नहीं थी.  ACB ने सीपीडब्लूडी और श्री राम इंस्टीटूट ऑफ इंडस्ट्रियल रिसर्च से कंस्ट्रक्शन वर्क की क्वालिटी की जांच कराई. 

ये जांच अल्ट्रासाउंड वेलोसिटी टेस्ट और रिबाउंड जैमर टेस्ट थे. श्री राम इस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल रिसर्च की रिपोर्ट में ये बात सामने आई कि कंस्ट्रक्शन क्वालिटी बेहद खराब थी. सीपीडब्लूडी ने अपनी रिपोर्ट में सीमेंट और स्टील खरीदे जाने वाली कंपनियों के ना पाये जाने की बात कही है. जांच में ये बात सामने आई है कि ये टेंडर 2 करोड़ 64 लाख में दिया गया लेकिन पीडब्लूडी ने खातों को सही दिखाने के लिए करीब 3 करोड़ 10 लाख की पेमेंट इस कंपनी को की. विनय बंसल अपने पिता सुरेंद्र बंसल के साथ कंपनी में हिस्सेदार थी. इससे पूछा गया कि महादेव इम्पेक्स कौन सी कम्पनी थी, जिससे माल खरीदकर बिल लगाए गए, जिसका कोई संतोषजनक जवाब वो नही दे पाया.इसी आधार पर एसीबी ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया.

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वहीं दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि पिछले 3 साल में एलजी केंद्र एसीबी सिर्फ इसलिए एजिस्‍ट करती है कि केजरीवाल उनके रिश्तदारों मंत्री विधायको को दुखी करना. पुलिस की इस्तेमाल सिर्फ एक ही काम के लिए हो रहा है. कोर्ट में लेकिन पुलिस को लताड़ लगेगी. एक स्वर्गीय व्यक्ति कई सालों से ठेकेदार है. सरकार बनने से पहले कॉन्ट्रैक्ट दिया गया. आईआईटी रुड़की ने रिपोर्ट दे दी शिकायत के बाद एसीबी ने श्री राम लैब से भी वेरीफाई कर लेती है. ये पुरानी खबर है कुछ भी नही है. ये चैन का हिस्सा है कि सरकार को काम नहीं करने दिया जा रहा. विधायकों की गिरफ्तारी के बाद अब रिश्तदारों को गिरफ्तार कर रहे हैं. 

 


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