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सिग्नेचर पुल विवाद पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी बोले- मैं पुलिसवाले को थप्पड़ नहीं मार रहा था, भीड़ से बचा रहा था

बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने सिग्नेचर पुल विवाद पर अपनी सफाई पेश की है. उन्होंने उस दौरान हुए पूरे वाकये को सिलसिलेवार ढंग से पेश किया.

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सिग्नेचर पुल विवाद पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी बोले- मैं पुलिसवाले को थप्पड़ नहीं मार रहा था, भीड़ से बचा रहा था

एनडीटीवी के हम-लोग प्रोग्राम में बोलते हुए बीजेपी सांसद मनोज तिवारी.

नई दिल्ली:

बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने सिग्नेचर पुल विवाद पर अपनी सफाई पेश की है. उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ने उन्हें पहले मां की गाली दी थी, इसके बाद उन्हें धक्का दिया. उस दौरान जो भी हुआ, वह बहुत भयानक था. एनडीटीवी के कार्यक्रम 'हम-लोग' में मनोज तिवारी ने कहा कि स्थानीय सांसद होने के नाते उन्हें कार्यक्रम स्थल पर न आने के लिए तो कहा ही नहीं जा सकता. दूसरी तरफ जब उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा दिया- आप आमंत्रित हैं तो फिर बुलाकर क्या ऐसा व्यवहार करना चाहिए. बुलाकर क्या बैरिकेडिंग कर देनी चाहिए. मनोज तिवारी ने कहा कि बतौर स्थानीय सांसद मैने सिग्नेचर पुल के लिए तब 33 करोड़ दिए, जब पहले से ही 1100 करोड़ पुल के लिए जा चुके थे. तिवारी ने कहा कि मैं तो समारोह स्थल पर आम आदमी की तरफ खड़ा था. वीडियो में भी मुझे देखा जा सकता है. 

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मनोज तिवारी ने कहा कि जब गाली के बाद मुझे धक्का दिया गया तो मैने खुद से बात करते हुए कहा- मनोज अब यहां से चलो.. अपना कूल नहीं खोना है.  मैं गिर जाता तो भीड़ मुझे कुचल सकती थी. डीसीपी ने जो कहा मैने वही किया. मंच के पास से वह हमें निकालते हुए ले गए. पुलिस अधिकारी पर हाथ चलाने और थप्पड़ मारने के  आरोप को मनोज तिवारी ने खारिज किया. बोले कि भीड़ के धक्का देने पर मैं पुलिसकर्मी को बचाने की कोशिश कर रहा था. मगर वह कुछ अलग ही एक वीडियो शॉट के रूप में बना लिया गया. फिर मनोज तिवारी ने भोजपुरी मे कहा.... आखिर थप्पड़वा...लगल केके....?मनोज तिवारी ने कहा कि अगर आज अरविंद केजरीवाल उनके सामने मिल जाएंगे तो नमस्ते जरूर करेंगे. 


तो मंच पर मैं होता
सिग्नेचर पुल के उद्घाटन समारोह में हुए विवाद को लेकर दोनों पक्षों की पुलिस शिकायत को लेकर हुए सवाल पर भी मनोज तिवारी ने जवाब दिया. मनोज तिवारी ने कहा कि उन पर इस मामले में एफआइआर नहीं हुई है. केवल उनके खिलाफ आम आदमी पार्टी ने शिकायत की है. इस पर पुलिस की ओर से पक्षपात के सवाल पर बोले कि अगर ऐसा होता तो उस दिन मंच पर मैं होता, बाकी लोग भगा दिए गए होते. मनोज तिवारी ने पुलिस की ओर से इस घटना मे किसी तरह के पक्षपात के आरोपों को खारिज किया. मनोज तिवारी ने कहा कि जब मैं कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा तो उन्हें रोकने के लिए गेट पर आम आदमी पार्टी के लोग लगाए गए थे, हालांकि मैं उन्हें गुंडे नहीं कह सकता. हाल में यूपी और बिहार के लोगों पर बाहर हमले की घटनाओं पर भी मनोज तिवारी ने राय रखी. उन्होंने कहा कि उन पर खुद मुंबई में राज ठाकरे के लोगों ने घर पर हमला किए. हालांकि अब हम लोग अभ्यस्त हो गए हैं. जहां जाते हैं, वहीं की संस्कृति अपना लेते हैं.



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