अवैध वसूली के आरोपों से घिरे 'आप' सरकार के मंत्री के खिलाफ बीजेपी का प्रदर्शन

अवैध वसूली के आरोपों से घिरे 'आप' सरकार के मंत्री के खिलाफ बीजेपी का प्रदर्शन

प्रतीकात्‍मक फोटो

नई दिल्‍ली:

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में मंत्री इमरान हुसैन के खिलाफ  चांदनी चौक के बल्लीमारान इलाके में प्रदर्शन किया। बीजेपी की मांग है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपने मंत्री इमरान हुसैन पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर हटा देना चाहिए। प्रदर्शन को लाल कुंआ के हमदर्द बिल्डिंग के पास अंजाम दिया गया।

कांग्रेस ने लगाया है मंत्री पर अवैध वसूली का आरोप
मंगलवार को ही कांग्रेस ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर इमरान हुसैन पर अपने भाई और अपने यहां काम करने वाले लोगों के जरिये बिल्डरों से अवैध वसूली का आरोप लगाया है। एक स्टिंग ऑपरेशन दिखाकर कांग्रेस की दिल्ली प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय माकन ने आरोप लगाया कि इलाके में बनने वाले मकानों को गिराने की धमकी देकर उगाही की जा रही है। एक वीडियो क्लिप दिखाकर बताया गया कि इमरान हुसैन के यहां काम करने वाले कर्मचारी हम्माद ने कासिम नाम के एक व्यक्ति से 30 लाख रुपये की मांग की। इसी बातचीत में वह 25 लाख रुपये में मामला निपटाने की बात करता दिख रहा है। हालांकि कांग्रेस की तरफ से ऐसा साबित होने के लिए कुछ पेश नहीं किया गया कि इमरान हुसैन के कहने पर हम्‍माद पैसे की मांग कर रहा है।

पार्टी ने कुछ ऑडियो क्लिप भी जारी किए
कांग्रेस ने कुछ ऑडियो क्लिप भी जारी किए जिसमें इमरान हुसैन के भाई फुरकान हुसैन को कथित तौर पर बिल्डर से 'सामान' भेजने की करते हुए बताया गया है। कांग्रेस के मुताबिक 'सामान' से मतलब पैसे से है। प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद पूर्व मंत्री हारुन यूसुफ के मुताबिक, न सिर्फ मंत्री और उनके भाई अपने लोगों के साथ मिलकर बल्कि एमसीडी के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ये सारा खेल चला रहे हैं। कोई अपने पुराने और जीर्ण-शीर्ण घर को तोड़कर नया बनाना चाहता है तो एमसीडी उसे अनुमति नहीं देती। जब लोग बिल्डरों के जरिये मकान बनाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें अवैध निर्माण का डर दिखाकर वसूली की जाती है।   

इमरान हुसैन बोले, आरोप साबित हुआ तो राजनीति छोड़ दूंगा
इमरान हुसैन ने इस तरह के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्टिंग फर्जी है और अगर उनके या उनके भाई के किसी भी तरह से मामले में शामिल होने की बात साबित होती है तो वे राजनीति छोड़ देंगे और खुद को पुलिस के हवाले कर देंगे। अगर आरोप साबित नहीं होता है तो अजय माकन को इस्तीफा देना होगा।

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