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बुराड़ी कांड: भाटिया परिवार के 11 लोगों की 'साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी' आई सामने, हुआ ये खुलासा

दिल्ली पुलिस को उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में एक जुलाई को रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत मिले चुंडावत परिवार के 11 सदस्यों की साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी की रिपोर्ट मिल गई.

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बुराड़ी कांड: भाटिया परिवार के 11 लोगों की 'साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी' आई सामने, हुआ ये खुलासा

बुराड़ी में एक जुलाई को रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत मिले चुंडावत परिवार के 11 सदस्यों की साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी की रिपोर्ट आई

खास बातें

  1. चुंडावत परिवार के 11 सदस्यों की साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी की रिपोर्ट आई
  2. पुलिस ने साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी कराने के लिए सीबीआई को पत्र लिखा था
  3. इस मामले में पुलिस की जांच से सहमति जताई है
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस को उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में एक जुलाई को रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत मिले चुंडावत परिवार के 11 सदस्यों की साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी की रिपोर्ट मिल गई. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. पुलिस ने जुलाई में मृतकों की साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी कराने के लिए सीबीआई को पत्र लिखा था और बुधवार को यह रिपोर्ट पुलिस को मिल गई.  अधिकारी ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले में पुलिस की जांच से सहमति जताई है. सीबीआई को परिवार द्वारा लिखी गयी उन सभी डायरियों को सौंपा गया था, जिनमें 11 साल से भगवान से मिलने के बारे में लिखा गया है. आपको बता दें कि इस मामले में दिल्‍ली पुलिस का कहना था कि सभी 10 लोगों की मौत फांसी लगाने से हुई है. बुराड़ी के चुंडावत (भाटिया) परिवार के 11 सदस्यों में सबसे बुजुर्ग नारायण देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि उसकी मौत भी परिवार के अन्य 10 सदस्यों की तरह ही फांसी पर लटकने से हुई. इससे पहले 10 लोगों की पोस्‍टमार्टम में भी गड़बड़ी की आशंका को खारिज कर दिया था.

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आपको बता दें कि बुराड़ी कांड में एक संभावना यह जताई गई है कि मृतकों ने आध्यात्मिक विश्वास के वशीभूत होकर खुदकुशी की होगी. दूसरी संभावना यह जाहिर की जा रही है कि मृतकों ने मनोवैज्ञानिक विकार के कारण आत्महत्या की होगी. दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी कांड में एक जुलाई को मृत पाए गए 11 लोगों की मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी कराने का फैसला किया था. 

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क्‍या होती है साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी?
आत्महत्या के कारणों को सुलझाने का एक तरीका है साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी. इसमें मृतक की आत्महत्या के वक्त दिमागी हालत कैसी होगी, इस बात का पता लगाया जाता है. इस साईकोलॉजिकल ऑटोप्सी का इस्तेमाल पुलिस देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री सुनंदा पुष्कर मौत मामले में भी कर चुकी है.

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क्या किया जाता है साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी में?
इसमें आत्महत्या से मरे व्यक्ति या व्यक्तियों के जीवन हाल-फिलहाल में चल रही घटनाओं पर स्टडी की जाती है. मृतक की पर्सनल जानकारियों जैसे मोबाइल के मैसेजेस, कॉल्स, डायरी, घर के सामानों की जांच, परिवार वालों और दोस्तों के मृतक के व्यवहार की जानकारी जैसी तमाम चीज़ों का अध्ययन कर आत्महत्या के कारण का पता लगाया जाता है. 

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बुराड़ी केस क्या है?
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 लोगों ने एक साथ आत्महत्या की. इनमें से 10 लोगों के शव लटके हुए मिले वहीं, 1 बॉडी जमीन पर मिली. पुलिस को घर की तलाशी में 2 रजिस्टर बरामद हुए. दोनों रजिस्टरों में कई पेज भरे हुए हैं तो कुछ खाली हैं. ये पन्ने हाथ से लिखे गए हैं. इन रजिस्टरों में मौत का तरीका लिखा गया था. इनमें से एक रजिस्टर के पन्ने पर लिखा मिला कि 'रात में एक बजे के बाद जाप शुरू करो, मौत के पहले अपनी आंखें बंद करो कपड़े और रुई रखकर, मरते समय छटपटाहट होगी इसलिए अपने हाथ काबू करने के लिए उन्हें बांध लो, ये काम शनिवार और गुरुवार को अच्छा रहेगा.' इस परिवार के पड़ोसियों और जानकरों के मुताबिक ये पूरा परिवार बेहद धार्मिक था, इनके घर में हर दूसरे दिन शाम को कीर्तन होते थे, घर के बाहर हर रोज एक तख्ती पर श्लोक लिखे जाते थे. परिवार के सभी 11 लोग हर व्रत साथ करते थे. 

VIDEO: बुराड़ी केस की अभी तक की कहानी, कब और क्या-क्या हुआ?

 
 


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