सीएम केजरीवाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा, कहा- जरूरत पड़ी तो हर संभव मदद की जाएगी

यमुना में जलस्तर बढ़ने की आशंकाओं के बीच प्रशासन ने यमुना से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी करने के साथ उन्हें सुरक्षित जगह जाने को कहा था.

खास बातें

  • दिल्ली के सीएम ने किया बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा
  • अरविंद केजरीवाल ने प्रभावित लोगों को दिया मदद का भरोसा
  • दिल्ली में खरते के निशान से ऊपर बह रही है यमुना
नई दिल्ली:

बीते कुछ दिनों से दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. यमुना में बढ़े जलस्तर की वजह से यमुना नदी के आसपास बसे इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं. हालांकि, यमुना में जलस्तर बढ़ने की आशंकाओं के बीच प्रशासन ने यमुना से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी करने के साथ उन्हें सुरक्षित जगह जाने को कहा था. दिल्ली सरकार ने ऐसे लोगों के रहने के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी कई हुई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाके उस्मानपुर में रहने वाले लोगों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि अगर उन्हें कोई कमी महसूस हुई थी सरकार उनके लिए राहत सामग्री भी उपल्बध कराएगी.

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उन्होंने मुलाकात के बाद ट्वीट किया कि यमुना किनारे बाढ़ से प्रभावित लोगों से मिला. ज्यादातर लोग अपने घरों में अपना सामान छोड़ आए है लेकिन अच्छी बात यह है कि जान का कोई नुकसान नहीं हुआ. शिविरों, भोजन, पानी और दवाओं का बंदोबस्त कर लिया गया है. अगर कोई कमी हो तो हमें बताएं, हम फौरन आवश्यक कार्रवाई करेंगे.  बता दें कि यमुना नदी के निचले इलाकों के डूबने के बाद नदी के मैदानी हिस्से में रह रहे 15,000 से अधिक लोगों को विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा लगाए शिविरों में भेज दिया गया है. यमुना बुधवार को भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है.

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हालांकि, दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने कहा कि जल का स्तर कई घंटों से 206.60 मीटर पर स्थिर है और इसके कम होने की संभावना है. उधर, दिल्ली भाजपा प्रमुख मनोज तिवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल समेत भाजपा के कई नेताओं ने भी प्रभावित का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को मदद भी दी. विजय गोयल ने आरोप लगाया कि उनके दौरे के दौरान लोगों ने उस्मान खादर इलाके में शिविरों, शौचालयों और भोजन की अनुपलब्धता की शिकायत की.

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हालांकि, बाद में दिल्ली के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोग सरकार के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं. गहलोत ने ट्वीट किया कि राहत शिविरों में रह रहे लोग दिल्ली सरकार की कोशिशों की सराहना कर रहे हैं. भोजन, पानी और अन्य आवश्यक राहत सामग्री मुहैया करायी जा रही है. राजस्व विभाग के अधिकारी अन्य विभागों के समन्वय से चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)