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दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ मारपीट मामले में सुनवाई पूरी, 18 सितंबर को आ सकता है फैसला

इस मामले की जांच कर रहे एडिशनल डीसीपी हरेंद्र सिंह ने कोर्ट में कहा कि आम आदमी पार्टी उनकी ईमानदारी,चरित्र और स्वाभिमान पर साल उठा रही है.

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दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ मारपीट मामले में सुनवाई पूरी, 18 सितंबर को आ सकता है फैसला

अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपटी में जल्द आएगा फैसला

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ हुई मारपीट मामले में शनिवार को कोर्ट ने अपनी सुनवाई पूरी कर ली. मामले की सुनवाई के दौरान बचाव और अभियोजन पक्ष के बीच जमकर बहस हुई. गौरतलब है कि कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अब कोर्ट 18 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगा. इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि कोर्ट इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद शनिवार को ही अपना फैसला सुनाएगा. हालांकि ऐसा हुआ नहीं. कोर्ट में दोनों पक्षों में बहस इस मामले के मीडिया कवरेज को लेकर छिड़ गई.  इस मामले की जांच कर रहे एडिशनल डीसीपी हरेंद्र सिंह ने कोर्ट में कहा कि आम आदमी पार्टी उनकी ईमानदारी,चरित्र और स्वाभिमान पर साल उठा रही है. साथ ही दिल्ली पुलिस की भी छवि को खराब कर रही है.

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वहीं आम आदमी पार्टी के नेता कोर्ट की करवाई को प्रभावित कर रहे हैं. ये सभी लोग मीडिया को इस केस के कवरेज से रोक रहे हैं. लिहाजा कोर्ट ऐसा आदेश पारित करे जिससे आप नेता इस केस के बारे में मीडिया में बयान न दें सकें. इस पर आम आदमी पार्टी के वकील ने कहा कि ये सामान्य मामला नहीं है, इसमें मुख्य सचिव शिकायतकर्ता हैं और मुख्यमंत्री आरोपी,दिल्ली पुलिस इसका मीडिया ट्रायल करने की कोशिश कर रही है. इस मामले में पुलिस शुरू से ही बयान दे रही है, इस पर पुलिस ने कहा कि हम मीडिया में नहीं गए बल्कि आप नेता प्रेस वार्ता करते हैं.

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इसका मकसद कोर्ट की कार्रवाई में रुकावट डालना है. पुलिस ने कहा कि अंशु प्रकाश को मीटिंग के लिए देर रात बुलाया गया,11 एमएलए भी बुलाये गए ,समय पहले से तय था, इससे साफ की सभी की मंशा एक थी,सभी आरोप सबूतों पर आधारित हैं,सुनवाई के बाद कोर्ट ने आम आदमी पार्टी की उस अर्जी को खारिज़ कर दिया जिसमें मांग की गई थी कि जांच अधिकारी को मीडिया को जानकारी देने पर पावंदी लगाई जाए.

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अब इस मामले में कोर्ट 18 सितंबर को तय करेगा कि चार्टशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं, अगर कोर्ट संज्ञान लेता है तो दिल्ली के सीएम ,डिप्टी सीएम समेत सभी 13 विधायकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.  (इनपुट भाषा से) 
 


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