दिल्‍ली : कनॉट प्‍लेस में इमरात की छत गिरने के मामले में दुकानदारों को नोटिस

दिल्‍ली : कनॉट प्‍लेस में इमरात की छत गिरने के मामले में दुकानदारों को नोटिस

फाइल फोटो

नई दिल्‍ली:

पिछले दिनों दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस के इनर सर्किल के सी ब्लॉक की एक छत अचानक गिर गई. अब एनडीएमसी ने दुकानदार को नोटिस दिया है कि अगर उनकी दुकान सुरक्षित नहीं हुई तो उसे खोलने की इजाजत नहीं दी जा सकती. एक फरवरी की रात दो बजे ये हादसा हुआ और तब से मलबा हटाने का काम जारी है. फिलहाल नीचे की पांच दुकानें बंद कर दी गई हैं क्योंकि उनके भी कमज़ोर होने की आशंका है. एनडीएमसी ने इन सभी दुकानों के मालिकों से कहा है कि वो स्ट्रक्चरल इंजीनियर से दुकानों की जांच करवाएं और सात दिनों के भीतर जवाब दें. नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव बिक्रम बधवार ने कहा कि एनडीएमसी ने नोटिस जारी कर अपना पल्ला झाड़ लिया. आप बताइए, अभी तो दुकानें भी नहीं खुली हैं, कहां से इंजीनियर खोजकर जवाब दें.

वैसे कनॉट प्लेस में कई इमारतें काफ़ी पुरानी हो चुकी हैं और उनमें बदलाव ख़तरनाक हो सकते हैं. एनडीएमसी अब ऐसी इमारतों की छतों पर निर्माण को लेकर एक नीति बनाने जा रही है ताकि ऐसे हादसे फिर ना हों. इसके अलावा फरवरी के अंत तक आसपास की सभी ख़तरनाक इमारतों का सर्वे भी कराया जाएगा. हालांकि यहां के दुकानदार इस बात से इनकार करते हैं कि इमारतें कमज़ोर हो गई हैं.

जैन बुक डिपो के मालिक नभी कुमार जैन कहते हैं, 'ये राष्ट्रपति भवन के जमाने का बना हुआ है और अभी भी काफी मजबूत है. कोई कील भी दीवार में गाड़ना काफी मुश्किल होता है. आपको ये बता दें कि कनॉट प्लेस को बने क़रीब अस्सी साल हो चुके हैं. समय के साथ-साथ यहां इमारतों की छतों पर एसी प्लांट, जनरेटर लगते गए और छतों पर बोझ बढ़ता रहा. ऊपर से समय पर रख-रखाव भी नहीं हुआ.

नाम ना छापने की शर्त पर दुकानदार बताते हैं कि जब हम दुकान में रिनोवेशन करवाने के लिए इजाजत मांगते तो उसमें कई महीने लग जाते हैं, हम करें तो क्या करें. कोई ये नहीं सोच रहा है कि पिछले पांच दिन से दुकान बंद है और इससे हमारा जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई कौन करेगा. ध्यान रहे कि ये हादसा रात के दो बजे हुआ, अगर दिन में होता तो जान माल का खासा नुकसान होता. रात में हादसा होने की वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ.

 
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