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नहीं काम कर रहा था दिल, डॉक्टर ने लगाया 'आर्टिफिशियल हार्ट' तो 18 महीने बाद हुआ ये चमत्कार

दिल के काम नहीं करने के कारण कृत्रिम हृदय लगाने की सर्जरी के बाद चमत्कारिक घटना में 52 वर्षीय एक व्यक्ति को नयी जिंदगी मिली जब उसके अपने दिल ने ही 18 महीने बाद फिर से काम करना शुरू कर दिया.

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नहीं काम कर रहा था दिल, डॉक्टर ने लगाया 'आर्टिफिशियल हार्ट' तो 18 महीने बाद हुआ ये चमत्कार

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

दिल के काम नहीं करने के कारण कृत्रिम हृदय लगाने की सर्जरी के बाद चमत्कारिक घटना में 52 वर्षीय एक व्यक्ति को नयी जिंदगी मिली जब उसके अपने दिल ने ही 18 महीने बाद फिर से काम करना शुरू कर दिया. ठीक होता देख डॉक्टरों ने कृत्रिम हृदय को बंद कर दिया और व्यक्ति अब अपने मूल हृदय पर जिंदा है. बीएलके हार्ट सेंटर के अध्यक्ष और प्रमुख डॉ. अजय कौल ने बताया कि दिल के काम करने के बाद इराक के कारोबारी हानी जवाद मोहम्मद को कृत्रिम दिल लगाया गया था.

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दिल के काम नहीं करने से आशय ऐसी स्थिति से है जब हृदय की मांसपेशी रक्त को उतना पंप नहीं कर पाती जितना उसे करना चाहिए. डोनर (अंगदान करने वाले) की भारी कमी के कारण और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हमारे पास कृत्रिम हृदय लगाना ही एकमात्र विकल्प था. इस बार जब करीब तीन महीने बाद वह दिखाने आए तो पाया गया कि उनका दिल ठीक हो रहा है और सही से काम कर रहा है.


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डॉक्टरों की एक टीम ने कृत्रिम अंग को धीरे कर उनके मूल हृदय के क्रियाकलाप पर नजर बनाए रखी. दो महीने में तीन से चार बार ऐसी प्रक्रिया की गयी और पाया गया कि उनका मूल हृदय ठीक हो चुका है. उन्होंने कहा, ‘‘अमूमन मूल हृदय 10-15 प्रतिशत तक बेहतर होता है लेकिन यह हृदय ठीक से काम कर रहा था. यह एक मेडिकल चमत्कार है.''

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(इनपुट भाषा से)

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