दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की मांग - 'जीएसटी में अधिकतम 12 फीसदी हो टैक्स स्लैब'

जीएसटी के टैक्स स्लैब में बदलाव के लिए अब दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने भी आवाज उठाई है.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की मांग - 'जीएसटी में अधिकतम 12 फीसदी हो टैक्स स्लैब'

अरविंद केजरीवाल ने की जीएसटी टैक्स स्लैब में कमी की मांग

नई दिल्ली:

जीएसटी के टैक्स स्लैब में बदलाव के लिए अब दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने भी आवाज उठाई है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जीएसटी में अधिकतम टैक्स स्लैब 12% रखने की मांग की है और 28%  तथा 18 % के टैक्स स्लैब को हटाने को कहा है. ये बातें सीएम अरविंद केजरीवाल ने अशोका होटल में दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित जीएसटी के एक कार्यक्रम में कही.

सीएम केजरीवाल ने कहा कि 12 में से  6% टैक्स केन्द्र के लिए और 6% राज्य के लिए होना चाहिए जो कि पर्याप्त है. मंगलवार को दिल्ली सरकार की ओर से जीएसटी कॉनक्लेव का आयोजन किया गया, जिसमें सीएम केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया , ट्रेड एंड टैक्सेस कमिश्नर राजेश प्रसाद के अलावा केन्द्र और दिल्ली के वरिष्ठ जीएसटी अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया.  इस कार्यक्रम में दिल्ली के 300 व्यापारी भी शामिल हुये. 

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आप ट्रेड विंग के दिल्ली प्रदेश कन्वीनर बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जीएसटी को लेकर व्यापारियों से फीडबैक लेते हुए उन्हें जीएसटी में आने वाली परेशानियों को लेकर विस्तृत चर्चा की. इसके साथ ही व्यापारियों की ओर से वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया को जीएसटी को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा जायेगा जिससे वो उन मुद्दों को 9 नवंबर की जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में उठा सकें.

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वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जीएसटी में रिटर्न सभी व्यापारियों के लिए क्वार्टरली होनी चाहिए. चाहे वो डेढ करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले डीलर्स हों या डेढ करोड़ से कम टर्नऑवर वाले डीलर.  इसके साथ ही सिसोदिया ने रोजमर्रा की जरूरत की चीजों मसलन, बच्चों के  खिलौने एवं चॉकलेट , सीमेंट, ऑटो पार्ट्स , टू व्हीलर पार्ट्स, फर्नीचर, हार्डवेयर एवं बाथरूम फिटिंग, इलेक्ट्रिकल आइटम, मार्बल, प्लास्टिक पार्ट्स आदि को 28% लक्जरी स्लैब में रखे जाने का विरोध किया और कहा कि वो 9 नवंबर की जीएसटी काउंसिल में इन वस्तुओं पर टैक्स कम करने की मांग करेंगे.