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दिल्ली : सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर 1 नवंबर को ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे

दिल्ली सरकार ने यह कहते हुए ओपीडी की अवधि बढ़ा दी थी कि इससे अधिक-से-अधिक मरीजों को समय मिल सकेगा और अस्पतालों में भीड़ कम हो सकेगी.

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दिल्ली : सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर 1 नवंबर को ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के अपने अस्पतालों में ओपीडी की कार्य अवधि को बढ़ाने के फैसले का विरोध कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को कहा कि वे 1 नवंबर को ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे. सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन फेडरेशन ऑफ डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने धमकी दी है कि अगर उनकी समस्याओं को नहीं सुना गया तो वे आपातकालीन सेवाओं को भी ठप कर देंगे. शहर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों के 15,000 से अधिक डॉक्टर काला रिबन पहनकर ओपीडी की कार्य अवधि बढ़ाने के दिल्ली सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं.

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दिल्ली सरकार ने 9 अक्टूबर के अपने आदेश में यह कहते हुए ओपीडी की अवधि बढ़ा दी थी कि इससे अधिक-से-अधिक मरीजों को समय मिल सकेगा और अस्पतालों में भीड़ कम हो सकेगी. ओपीडी का समय अब सुबह के 8 बजे से लेकर दोपहर के बाद 2 बजे तक हो गया है. यह पहले सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक था. रेजिडेंट डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार को इस बारे में कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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फोर्डा के अध्यक्ष डॉ. विवेक चौकसे ने कहा, 'हम 1 नवंबर को सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद कर देंगे और अगर हमारी समस्याओं को नहीं सुना गया तो हम आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार करेंगे.'

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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