CAA हिंसा पर बोले दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष- पुलिस की दंगाईयों को खुली छुट, दिल्ली को छोटा गुजरात बनाने की साज़िश

हिंसा की घटनाओं को लेकर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग हिंसा भड़काने वालों को नोटिस जारी करेगा.  

CAA हिंसा पर बोले दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष- पुलिस की दंगाईयों को खुली छुट, दिल्ली को छोटा गुजरात बनाने की साज़िश

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष डॉक्टर जफरूल इस्लाम खान.

खास बातें

  • दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप
  • दिल्ली के हालात पर जताई चिंता
  • मामले में नोटिस जारी करेगा आयोग
नई दिल्ली :

देश की राजधानी दिल्ली में कई जगहों पर आगजनी और बेकाबू हालात पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष डॉक्टर जफरूल इस्लाम खान ने साफ तौर पर कहा है कि दिल्ली में डर और दहशत का माहौल है. जो कुछ हुआ है उसके पीछे दंगाईयों को पूरी तरह से दिल्ली पुलिस का छूट मिली हुई है. इस घटना को छोटा गुजरात करार देते हुए कहा कि इन लोगों की योजना कोई बड़ी घटना को अंजाम देने की है. उन्होंने कहा कि इन लोगों को आज नोटिस जारी करेंगे. एनडीटीवी के संवाददाता  मोहम्मद अतहरुद्दीन मुन्ने भारती ने डॉक्टर जफरूल इस्लाम खान से खास बातचीत की.

रिपोर्टर-  दिल्ली के हालात पर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या है?

जफरूल इस्लाम : दिल्ली के हालत बहुत खराब है. मुझे ऐसी उमीद नहीं थी कि दिल्ली में ऐसा हो सकता है. बहुत बुरे हालात हैं, लोग घरों से निकल नहीं पा रहे हैं, बहुत से लोग जख्मी हैं. बहुत से लोग वहां से निकल कर कहीं और जाना चाहते हैं, लेकिन जा नहीं पा रहे हैं. बाहर निकलते हैं तो उन पर अटैक होता है. और जो दंगाई है, उनको पुलिस का सपोर्ट मिला हुआ है. पुलिस के देखते हुए वो लोग बन्दूकें लहरा रहे हैं. चाकू लहरा रहे है. पुलिस की निगरानी मे डम्पर  से पत्थर गिरा रहे हैं. ये सब बड़ी हैरत कर देने वाली बात है. ऐसा कभी होता नहीं था. दिल्ली में तो यकीन नहीं था कि ऐसा हो सकता है. लेकिन ये हो रहा है. मेरे ख्याल में यहां एक छोटा गुजरात हो रहा है. कोई बड़ा काम करने का इरादा जान पडता है. ये लोग समझते है की नफरत के बगैर इन लोगो को कामयाबी नहीं मिल सकती.

रिपोर्टर : यानी आप कह रहे है कि जो हालात पैदा हुए है उसमें पुलिस की भी भूमिका है

जफरूल इस्लाम: दिल्ली पुलिस समझ लीजिये की एक तरह से कठपुतली है. दिल्ली पुलिस की अपनी कोई राय होती नहीं है. होम मिनिस्ट्री से जो आता है वो उनको करना ही करना है. सड़क पर कोई अफसर हो तो अलग बात है. जो हो रहा है उसके बगैर हो ही नहीं सकता है. हमें अफसोस है की जो लोग ऊंचे ओहदे पर बैठे हैं वो अपनी भूमिका को नहीं निभा रहे हैं. जो संविधान के मुताबिक होना चाहिये उसके बजाये नफरत की पॉलिसी पर चल रहे हैं.

रिपोर्टर: आप बतौर दिल्ली अलप्संख्यक आयोग अध्यक्ष कह रहे हैं कि जो भी घटना हो रही है, उसके पीछे आप सीधे गृह मंत्रालय की ओर इशारा कर रहे हैं.
जफरूल इस्लाम: मैं किसी एक आदमी का नाम नहीं ले रहा लकिन ऊपर से आदेश आए बिना नहीं हो सकता.

रिपोर्टर: लगातार मौतों की खबर आ रही है. पुलिस वाले की भी मौत हुई है. आप की किसी से बात हुई है इस बारे में
जफरूल इस्लाम: वहां  के इलाके में मेरी बात हुई है. जहां सब हो रहा है, वहां पर भी बात हुई है. मैं वहां जा नहीं पाया, इसलिए पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है. जो लोग मुझ से बात कर रहे हैं वो अपने घरों में बंद  हैं. लेकिन जो पता चल रहा है, जो कुछ वहां हो रहा है गलत हो रहा है. 

रिपोर्टर: दिल्ली पुलिस के किसी आला अफसर से बात करने की कोशिश की है?
जफरूल इस्लाम: आला अधिकारियों से बात करने की कोशिश की लेकिन वो फोन नहीं उठाते, ना ही जल्दी मिल पाते. फोन बजता रहता है लेकिन कोई उठाता नहीं है. हम आज इस सिलसिले मे कुछ ऑर्डर जारी करेंगे. कुछ नोटिस जारी करेंगे.

रिपोर्टर: दिल्ली की हालात को लेकर डिप्टी सीएम सिसोदिया सहित दिल्ली सरकार के कई मंत्रियों के बयान आए हैं. उनका कहना है कि पुलिस काम नहीं कर रही है. आपका क्या कहना है?

जफरूल इस्लाम: मैं उस पर यकीन नहीं रखता. इस सिलसिले में उलझी हुई बातें नहीं करनी चाहिए, साफ-साफ बात करनी चाहिए. साफ-साफ बात ये है कि लोग जख्मी हैं, घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, लोग मर रहे हैं. जो लोग बड़े पदों पर बैठे हैं, वे अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभा रहे हैं. ये बिल्कुल साफ बात है.


देखें Video: सिटी सेंटर : दिल्‍ली में CAA विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, पुलिसकर्मी की मौत

 
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