राशन का OTP घोटाला : एलजी ने ACB जांच के निर्देश दिए

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस करके आरोप लगाया था कि अफ़सरों और एलजी की रहनुमाई में दिल्ली में OTP से राशन घोटाला हुआ है.

राशन का OTP घोटाला : एलजी ने ACB जांच के निर्देश दिए

दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल अनिल बैजल (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली:

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने राशन के ओटीपी घोटाले मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक शाखा यानी एसीबी से कराने के निर्देश दिए हैं. उपराज्यपाल कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक 'चूंकि माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय मंत्री ने ई-POS (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) सिस्टम में ओटीपी प्रमाणिकरण द्वारा गलत तरीके से राशन के निकालने का गंभीर आरोप लगाया था. आरोप की गंभीरता को देखते हुए उपराज्यपाल महोदय ने पूरे मामले को भ्रष्टाचार विरोधी शाखा में भेजा है ताकि शीघ्रताशीघ्र कार्यवाही हो सके और अगर कोई दोषी हो तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही हो सके.'

आपको बता दें बीते शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस करके आरोप लगाया था कि अफ़सरों और एलजी की रहनुमाई में दिल्ली में OTP से राशन घोटाला हुआ है जिसमे एक ही फ़ोन नंबर पर करीब 500 राशन कार्ड के OTP भेजकर राशन चोरी किया गया है. इसलिए इस मामले की तुरंत जांच कराई जाए और राशन के पॉइंट ऑफ सेल सिस्टम को बंद किया जाए.

उपराज्यपाल ने केजरीवाल सरकार की ये मांग भी मान ली है कि राशन देने के पॉइंट ऑफ सेल सिस्टम को बंद किया जाए. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा, 'माननीय उपराज्यपाल महोदय ने माननीय मुख्यमंत्री और माननीय मंत्री (खाद्य एवं आपूर्ति) के द्वारा ई-POS उपकरण के निलंबन का प्रस्ताव प्राप्त किया इस पर उपराज्यपाल महोदय ने अपनी सहमति दी. उपराज्यपाल महोदय ने आशा व्यक्त की कि निर्वाचित सरकार द्वारा ई-POS उपकरणों के निलंबन के लिए सभी कानूनी, वित्तीय और प्रशासनिक उलझनों को ध्यान में रखा जाए हमें ऐसी तकनीक को नहीं छोड़ना चाहिए जोकि पहले स्तर पर ही लेन-देन की धोखा धड़ी का पता लगा लेता है.'

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VIDEO: दिल्ली में OTP से राशन घोटाला! एक ही नंबर पर 500 घरों का राशन

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लेकिन उपराज्यपाल ने केजरीवाल सरकार के इस फैसले पर आश्चर्य भी जताया और कहा कि पहले खुद चुनी हुई सरकार ही पॉइंट ऑफ सेल सिस्टम उत्सुकता के साथ लेकर आई थी जिससे ये पता चल सके कि राशन सही लोगों तक पहुंच रहा है. उपराज्यपाल ने कहा कि 'दिल्ली सरकार द्वारा ई-POS की शुरुआत एक सही कदम था जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकता था कि योग्य लाभार्थियों को ही राशन मिल सके और इसमें भटकाव न हो. विभाग ने भी यह पाया था कि ई-POS उपकरण की शुरुआत के 2 महीने के अंदर ई-पॉश उपकरणों द्वारा 98.75 प्रतिशत राशन वितरित किया गया था जिसके चलते ई-पाश उपकरण एक महत्वपूर्ण स्तर पर पहुंच गया था जिससे कि अयोग्य कार्ड धारकों की छटनी की जा सकती थी और 16 प्रतिशत राशन का बचाव किया जा सकता था. इस तरह बचाई गई राशन को कतार में लगे लाखों जरूरतमंद लोगों को वितरित किया जा सकता था.'