क्या दिल्ली में हुए दंगों का मरकज से है कनेक्शन? मौलाना साद के करीबी से हुई पूछताछ

दिल्ली में हुए दंगों के तबलीगी जमात कनेक्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद के खासम-खास अब्दुल अलीम पूछताछ की.

क्या दिल्ली में हुए दंगों का मरकज से है कनेक्शन? मौलाना साद के करीबी से हुई पूछताछ

पुलिस को दस्तावेजी सबूत मिले हैं कि अब्दुल अलीम दंगों के समय भी राजधानी स्कूल के मालिक के संपर्क में था

नई दिल्ली:

दिल्ली में हुए दंगों (Delhi Riots) के तबलीगी जमात (Tablighi Jammat) कनेक्शन के मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने मौलाना साद (Maulana Saad) के खासम-खास अब्दुल अलीम पूछताछ की. जानकारी के मुताबिक अब्दुल से राजधानी स्कूल के मालिक और मरकज के संबंधों को लेकर सवाल पूछे गए. अलीम से राजधानी स्कूल के मालिक की प्रॉपर्टी को लेकर पूछताछ हुई. पुलिस को दस्तावेजी सबूत मिले हैं कि अब्दुल अलीम दंगों के समय भी राजधानी स्कूल (Rajdhani School) के मालिक के संपर्क में था. दिल्ली पुलिस का कहना है दिल्ली में दंगों में भूमिका पाए जाने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है.  बता दें कि पिछले दिनों गिरफ्तार किए एक स्कूल मालिक को दिल्ली की एक अदालत ने जमानत दे दी थी. कोर्ट ने पाया था कि पुलिस के आरोपों के बावजूद, आरोप पत्र में आतंकी फंडिंग या उसके पिंजरा तोड़ ग्रुप, पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया और मुस्लिम मौलवियों के साथ कथित लिंक का कोई सबूत नहीं दिया गया है. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस ने हिंसा का मास्टरमाइंड राजधानी पब्लिक स्कूल का मालिक फैज़ल फारूक बताया था. पुलिस के अनुसार हिंसा बड़ी साजिश के तहत हुई और फैज़ल फारूक हिंसा के ठीक पहले PFI के कई नेताओं, पिंजरातोड़ ग्रुप, निज़ामुद्दीन मरकज़, जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी और देवबंद के कुछ धर्मगुरुओं के संपर्क में था. यही नहीं, फैज़ल ने हिंसा के ठीक एक दिन पहले देवबंद भी गया था. उसके मोबाइल से इस बात के सबूत मिले थे. यह मामला राजधानी पब्लिक स्कूल के बगल में DRP स्कूल के मालिक और मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ था. चार्जशीट के मुताबिक दंगाइयों ने राजधानी पब्लिक स्कूल की छत पर बड़े पैमाने पर तेजाब, ईंटें, पत्थर, पेट्रोल और बम इकट्ठे कर लिए थे. वे इसे लोहे की बनी एक बड़ी गुलेल के सहारे फेंक रहे थे. यही नहीं इस भारी गुलेल से देशी मिसाइल भी दागी गईं. 

राजधानी पब्लिक स्कूल की छत से डीआरपी कॉन्वेंट स्कूल में उतरने के लिए रस्सियां डालीं गई थीं. दंगाई नीचे उतरे और डीआरपी स्कूल में आग लगा दी. स्कूल के कम्प्यूटर और महंगा सामान लूट लिया गया. इन लोगों ने पास ही एक दूसरी इमारत में भी आग लगा दी थी जिसमें अनिल स्वीट्स नाम की मिठाई की दुकान थी. इस दुकान का एक कर्मचारी दिलबर नेगी दुकान में फंस गया था. उसे ज़िंदा जला दिया गया था. 

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