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दिल्‍ली सीलिंग: सुप्रीम कोर्ट 2 अप्रैल से रोजाना करेगा सुनवाई

दिल्ली सीलिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट अब यह तय करेगा कि सीलिंग और अवैध निर्माण के लिए 2006 में लाया गया स्पेशल प्रोविशन एक्ट वैध है या नहीं. साथ ही उसमें 2006 से 2017 तक लाए गए संशोधन वैध है या नहीं.

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दिल्‍ली सीलिंग: सुप्रीम कोर्ट 2 अप्रैल से रोजाना करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. SC तय करेगा 2006 से 2017 तक लाए गए संशोधन वैध है या नहीं.
  2. सुप्रीम कोर्ट पहले मुख्य मामले पर सुनवाई कर निपटारा करेंगे
  3. निगम पार्षद गुंजन गुप्ता को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया था
नई दिल्ली: दिल्ली सीलिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट अब यह तय करेगा कि सीलिंग और अवैध निर्माण के लिए 2006 में लाया गया स्पेशल प्रोविशन एक्ट वैध है या नहीं. साथ ही उसमें 2006 से 2017 तक लाए गए संशोधन वैध है या नहीं.

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सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्‍यूरी रंजीत कुमार को कहा कि सीलिंग और अवैध निर्माण के लिए 2006 में लाए गए स्पेशल प्रोविशन एक्ट और उसमें 2006 से 2017 तक लाए गए संशोधनों को कोर्ट के समक्ष दे. कोर्ट 2 अप्रैल से रोजाना इस मामले की सुनवाई करेगा. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अर्जियों पर सुनवाई करने से पहले हम मुख्य मामले पर सुनवाई कर निपटारा करेंगे. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और डीडीए को कहा कि चार दिनों में बताए कि मास्टर प्लान में बदलाव करने से 
पर्यावरण पर प्रभाव को लेकर उन्होंने क्या स्टडी की है.

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कोर्ट ने विधायक ओपी शर्मा और निगम पार्षद गुंजन गुप्ता को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया था. दरअसल मॉनिटरिंग कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया की जब वह शाहदरा में हुए अवैध निर्माण पर करवाई करने के लिए गए थे तो उन्होंने रुकावट पैदा की थी. 

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