Delhi Violence: AAP नेता दुर्गेश पाठक ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को लीगल नोटिस भेजा

Delhi Violence: कपिल मिश्रा ने गुरुवार दोपहर एक ट्वीट कर दुर्गेश पाठक पर आरोप लगाया था कि उन्होंने दिल्ली दंगे में भूमिका निभाने वाले आप नेता मोहम्मद अथर को भगाने में मदद की है.

Delhi Violence: AAP नेता दुर्गेश पाठक ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को लीगल नोटिस भेजा

AAP नेता दुर्गेश पाठक ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को लीगल नोटिस भेजा

खास बातें

  • पूर्व विधायक कपिल मिश्रा को गुरुवार को लीगल नोटिस भेजा
  • पिल मिश्रा ने गुरुवार दोपहर एक ट्वीट कर दुर्गेश पाठक पर आरोप लगाया था
  • दंगे में भूमिका निभाने वाले आप नेता मोहम्मद अथर को भगाने में मदद की है
नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दुर्गेश पाठक ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पूर्व विधायक कपिल मिश्रा को गुरुवार को लीगल नोटिस भेजा. कपिल मिश्रा ने गुरुवार दोपहर एक ट्वीट कर दुर्गेश पाठक पर आरोप लगाया था कि उन्होंने दिल्ली दंगे में भूमिका निभाने वाले आप नेता मोहम्मद अथर को भगाने में मदद की है. कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया था, ये हैं मोहम्मद अथर. आम आदमी पार्टी चांद बाग का नेता. DCP अमित शर्मा पर जानलेवा हमला और कांस्टेबल रतनलाल जी की हत्या करने वाली भीड़ को यही लाया था. पहली फोटो में इसका व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा है 'मोदी योगी खूनी है.' जनता कह रही हैं इसको भगाने में दुर्गश पाठक और संजय सिंह शामिल है.

इसके बाद दुर्गेश पाठक ने चेतावनी दी थी कि या तो इस ट्वीट को कपिल मिश्रा डिलीट करें वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी. लेकिन कपिल मिश्रा ने ट्वीट डिलीट करने से इंकार कर दिया जिसके बाद दुर्गेश पाठक ने कपिल मिश्रा को लीगल नोटिस भेजा है. बता दें, दुर्गेश पाठक आम आदमी पार्टी की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली इकाई पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी के सदस्य हैं और विधानसभा चुनाव 2020 में करावल नगर से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार थे.

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हालांकि भाजपा नेता कपिल मिश्रा पर खुद दंगा भड़काने का आरोप लगा रहा है. उनसे दंगे से पहले पुलिस को नागरिकता संशोधन कानून के विरोधियों को तीन दिन के अंदर हटाने का अल्टीमेटम दिया था. कपिल मिश्रा ने कहा था कि अगर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों ने नहीं हटाया तो वह तीन दिन के बाद पुलिस की भी नहीं सुनेंगे. इसके बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगा भड़क उठा था, जो लगातार चार दिन तक चलता रहा था. दंगे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए.