
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की छह साल पहले 21 बार चाकू गोद कर हत्या के करने के जुर्म में आजीवन करावास की सजा सुनाई है. अदालत ने कहा कि महिला के सिर पर हमला इतना ‘‘क्रूर’’ था कि उसकी खोपड़ी की अंदर की हड्डी तक टूट गयी थी. न्यायमूर्ति सुनील गौड़ एवं न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की पीठ ने देवेंद्र दास की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई तथ्य नहीं है और मामले में निचली अदालत में उसकी दोषसिद्धि एवं उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा.
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व्यक्ति ने 31 अक्तूबर एवं एक नवंबर 2012 की दरम्यानी रात में पत्नी को छिलका उतारने वाले चाकू से 21 बार गोदकर और ईंट मार कर उसकी हत्या कर दी थी. पत्नी से झगड़े के बाद उसने इस अपराध को अंजाम दिया था. पीठ ने कहा कि व्यक्ति ने बिना किसी उकसावे के बेहद ‘‘क्रूर तरीके’’ से पत्नी पर प्रहार किया था.
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बहरहाल, दास ने दावा किया था कि उसे इस मामले में फंसाया गया है.
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बहरहाल, दास ने दावा किया था कि उसे इस मामले में फंसाया गया है.
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