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दिव्यांग बच्चों ने अपने हुनर से साबित किया, हम किसी से कम नहीं...

स्कूल में दिव्यांग बच्चों द्वारा जहां नृत्य, गायन, चित्रकला, रंगोली, संगीत इत्यादी के आयोजन में अपना झंडा बुलन्द कर दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया कि हम किसी से कम नहीं. बच्चों द्वारा हाथ से बनाई गईं कलाकृतियां, हस्तकला समारोह का मुख्य आकर्षण केन्द्र रहा.

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दिव्यांग बच्चों ने अपने हुनर से साबित किया, हम किसी से कम नहीं...

दिव्यांग बच्चों ने अपने हुनर से साबित किया, हम किसी से कम नहीं..

नई दिल्ली: दिव्यांग बच्चे किसी से अब कम नहीं है, ये साबित कर दिया वाईएमसीए निजामुद्दीन स्कूल के बच्चों ने. इस स्कूल के सिल्वर जुबली वर्षगांठ में इन बच्चों के हुनर देखने को मिले. 2 दिन तक चले इस एबिलिटी उत्सव नामक आयोजन में दिल्ली एनसीआर से लगभग 30 स्कूलों ने भाग लिया जिसका उद्घाटन समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के डिपटी चीफ़ कमिशनर संजय कुमार प्रसाद सहित वाईएमसीए चेयरमैन इन्दर्जीत लाल, अध्यक्ष विजय रुसेल, महासचिव जे ए बेनजामिन, सचिव फिरोज खान एवं बी देवदास ने किया.

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स्कूल में दिव्यांग बच्चों द्वारा जहां नृत्य, गायन, चित्रकला, रंगोली, संगीत इत्यादी के आयोजन में अपना झंडा बुलन्द कर दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया कि हम किसी से कम नहीं. बच्चों द्वारा हाथ से बनाई गईं कलाकृतियां, हस्तकला समारोह का मुख्य आकर्षण केन्द्र रहा.

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अध्यपिका संघमित्रा ने बताया कि ये प्रतियोगिता मानसिक तथा शारीरिक रूप से असमर्थ बच्चों के लिये आयोजित की गई थी. इसमें प्रभा इन्स्टीट्यूट एवं लाल बहादुर शास्त्री स्पेशल स्कूल के छात्रों को बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया. इंडियन आइडियल के सहभागी रहे शिखर ने अपनी जादुई आवाज़ से मंत्रमुगघ करते हुए समारोह का समापन किया.


 


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