NDTV Khabar

पूर्व लॉ सेक्रेटरी पीके मल्होत्रा ने जताई सहमति, कानूनों की भी तय हो एक्सपायरी डेट

देश के पूर्व लॉ सेक्रेटरी पीके मल्होत्रा ने कानून की किताबों में गैर जरूरी और निष्प्रभावी कानूनों की बढ़ती संख्या को बड़ी समस्या बताया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
पूर्व लॉ सेक्रेटरी पीके मल्होत्रा ने जताई सहमति, कानूनों की भी तय हो एक्सपायरी डेट

प्रतिकात्मक फोटो

नई दिल्ली : देश के पूर्व लॉ सेक्रेटरी पीके मल्होत्रा ने कानून की किताबों में गैर जरूरी और निष्प्रभावी कानूनों की बढ़ती संख्या को बड़ी समस्या बताया है. इसके समाधान के लिए उन्होंने नए कानून बनाए जाने के दौरान उन कानूनों की न्यायिक प्रभावशीलता के मूल्यांकन की जरूरत पर बल दिया. इसके साथ ही उन्होंने कानूनों की एक्सपायरी डेट (सनसेट क्लॉज) तय करने की मांग पर भी सहमति जताई. वह संविधान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक पैनल परिचर्चा में विचार व्यक्त कर रहे थे. कार्यक्रम का आयोजन थिंकटैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) द्वारा किया गया था. 

158 साल पुराने व्यभिचार कानून को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द, संविधान पीठ ने कहा- यह अपराध नहीं

टिप्पणियां
दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में सीसीएस व विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित विधि विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों द्वारा 6 राज्यों के बेकार व अप्रभावी कानूनों की सूची वाली पुस्तिका का विमोचन किया गया. शोध के लिए चुने गए राज्यों में असम, गुजरात, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और जम्मू एवं कश्मीर आदि शामिल हैं. कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर समेत कई विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे. इस दौरान पुराने व बेकार कानूनों के समापन के लिए संविधान दिवस को रिपील लॉ डे रूप में मनाने की मांग की गई. 

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने दूसरी बार पलटा अपने पिता का फैसला 
 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement