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दिल्ली: गरिमा मिश्रा मर्डर केस में आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार, खुद भी जा रहा था सुसाइड करने

रंजीत नगर में 25 साल की डॉक्टर गरिमा मिश्रा की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है और आरोपी डॉक्टर चंद्रप्रकाश वर्मा को रुड़की से गिरफ्तार कर लिया है.

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दिल्ली: गरिमा मिश्रा मर्डर केस में आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार, खुद भी जा रहा था सुसाइड करने

आरोपी डॉक्टर चंद्रप्रकाश वर्मा

खास बातें

  1. रंजीत नगर में डॉक्टर गरिमा मिश्रा की हत्या का मामला
  2. आरोपी डॉक्टर चंद्रप्रकाश वर्मा रुड़की से गिरफ्तार
  3. सुसाइड करने की कोशिश कर रहा था डॉक्टर चंद्रप्रकाश
नई दिल्ली :

दिल्ली के रंजीत नगर इलाके में मंगलवार रात एक महिला डॉक्टर गरिमा मिश्रा के कत्ल की गुत्थी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ने सुलझा लिया है. इस मामले में एक कातिल डॉक्टर को पुलिस ने उत्तराखंड के रुड़की के पास से उस वक्त गिरफ्तार किया जब वो आत्महत्या करने जा रहा था. दरअसल चंद्रप्रकाश गरिमा से एक तरफा मोहब्बत करता था पर गरिमा का लगाव चंद्रप्रकाश में नहीं था. चंद्रप्रकाश ने गरिमा को किराए का कमरा दिलवाया और उसी फ्लैट में एक कमरे में चंद्रप्रकाश और डॉक्टर राकेश रहने लगे. फ्लैट का आधे से ज्यादा किराया खुद चंद्रप्रकाश देता था ताकि गरिमा के दिल में जगह बनायी जा सके. उधर गरिमा एक अन्य डॉक्टर यशवंत की से प्रभावित थी और दोनों अक्सर मिलते जुलते फ़िल्म देखते थे. यह बात अंदर ही अंदर चंद्रप्रकाश को खाए जा रही थी जिसको लेकर गरिमा का चंद्रप्रकाश से झगड़ा भी हुआ. गरिमा उस कमरे को छोड़ना चाहती थी पर उसे नया फ्लैट कम रेंट पर मिल नहीं रहा था इसलिए मजबूरी में उसे उसी कमरे में रहना पड़ रहा था.

कत्ल वाले रोज जब दोनों का झगड़ा हुआ उसके बाद कत्ल की वारदात को अंजाम देकर कातिल हरिद्वार के एक होटल में रुकता है. सबसे पहले घरवालों को फोन कर अपने किये पर पछतावा करता है और आत्महत्या करने की बात बोलकर फोन काट देता है.


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चंद्रप्रकाश ने पुलिस को बताया कि दिल्ली के जिस एनसी जोशी अस्पताल में वो बतौर रेजीडेंट डॉक्टर काम कर रहा था वहां उसने आत्महत्या करने का प्रयास कर रहे कई लोगो की न केवल काउंसलिंग की बल्कि उनका इलाज भी किया था. पर कत्ल की वारदात को अंजाम देने के बाद मुझे लगा मुझे भी आत्महत्या कर लेनी चाहिए.

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जिसके लिए मैने होटल के कमरे में रबड़ के फंदे से लटककर खुद की जान लेने की कोशिश की तो अचानक ख्‍याल आया कि अगर फन्दा टूट गया और में बच गया तो मुझे और ज्यादा आत्मग्लानि होगी, मेरे घरवाले क्या सोचेंगे. फिर मैंने बिजली के ट्रांसफरमर से चिपकने की कोशिश करने का मन बनाया पर तब मुझे लगा अगर ट्रांसफरमर के बिजली के तेज झटके से में दूर जाकर गिरा और बच गया तो.

जिसके बाद मैने गंगा के सबसे तेज बहाव वाली जगह का होटल स्टाफ से पता किया और आत्महत्या करने उसी तरफ जाने लगा. पर क्राइम ब्रांच की टीम लगातार चन्द्रप्रकाश को तलाशने का काम कर रही थी और रुड़की के पास गंगा के किनारे से ठीक उस वक्त उसे पकड़ा गया जब वो आत्महत्या करने जा रहा था.



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