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दिल्ली में पेड़ों को बचाने के लिए लोगों ने शुरू किया 'चिपको आंदोलन', इस आदेश का हो रहा है विरोध

दक्षिणी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए 14 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटने का आदेश दिया गया था.

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दिल्ली में पेड़ों को बचाने के लिए लोगों ने शुरू किया 'चिपको आंदोलन', इस आदेश का हो रहा है विरोध

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  1. आम लोगों ने सरकार के फैसले का किया विरोध
  2. आम आदमी पार्टी भी विरोध मे हुई शामिल
  3. पुनर्विकास के लिए काटे जाने हैं पेड़
नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 14 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटे जाने के फैसले के खिलाफ रविवार को पर्यावरणविदों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि केंद्र सरकार अपने इस फैसले को वापस ले. प्रदर्शन के दौरान 1500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने पेड़ों को बचाने के लिए चिपको आंदोलन की भी शुरुआत की. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही दक्षिणी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए 14 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटने का आदेश दिया गया था.

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इस आदेश के सावर्जनिक होने के बाद से ही विभिन्न संगठनों और राजनीतिक पार्टियों द्वारा इसका विरोध शुरू हो गया. विभिन्न संगठनों ने इस आदेश को लेकर यह कहते हुए अपनी नाराजगी जताई थी कि यह पूरी तरह से दिल्लीवासियों के खिलाफ है. गौरतलब है कि इस आदेश में कहा गया है कि दक्षिणी दिल्ली में केंद्र सरकार के आवासों के पुनर्विकास के लिए करीब 14 हजार से ज्यादा पेड़ काटे जाएंगे. आदेश के अनुसार अकेले सरोजनी नगर में 11 हजार के करीब पेड़ काटे जाएंगे.

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दिल्ली में वायु की गुणवत्ता में दिन पर दिन हो रही गिरावट और बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संगठनों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी ने इस आदेश का सबसे पहले विरोध शुरू किया. पार्टी के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई को आम जनता के हितों के खिलाफ बताया.

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VIDEO: दिल्ली में पेड़ काटने पर हंगामा. 


उन्होंने आम लोगों से भी केंद्र सरकार के इस फैसले के लिए खिलाफ एक जुटे होने और पेड़ों को बचाने के लिए सामने आने की अपील की. खास बात यह है कि दिल्ली सरकार ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले पर कड़ा एतराज जताया है. (इनपुट भाषा से) 
 


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