NDTV Khabar

सुप्रीम कोर्ट में बोली केंद्र सरकार - हमें भक्तों की भावनाओं की कद्र, संत रविदास मंदिर के लिए जमीन देने को हैं तैयार

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने पीठ को बताया कि उन्होंने भक्तों और सरकारी अधिकारियों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श किया और भक्तों की संवेदनशीलता और विश्वास को देखते हुए केंद्र सरकार ने जमीन देने का फैसला किया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां

खास बातें

  1. दक्षिणी दिल्ली के तुगलकाबाद में था संत रविदास मंदिर
  2. सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने रखा अपना पक्ष
  3. कहा- हम जमीन देने को हैं तैयार
नई दिल्ली:

संत रविदास के मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार जमीन देने को तैयारी हो गई है. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ऑटार्नी जरनल केके वेणुगोपाल ने कहा कि हमें भक्तों की भावनाओं की कद्र है. इसलिए हम संत रविदास जी के मंदिर के लिए जमीन देने को तैयार हैं. उन्होंने कोर्ट को बताया कि इसके लिए 200 वर्ग मीटर क्षेत्र को मंदिर निर्माण के लिए भक्तों की एक समिति को सौंपा जा सकता है. इसके बाद कोर्ट ने केंद्र के प्रस्ताव को रिकॉर्ड में ले लिया और सोमवार को आदेश पारित करने के लिए मामले को सूचीबद्ध कर लिया है. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने पीठ को बताया कि उन्होंने भक्तों और सरकारी अधिकारियों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श किया और भक्तों की संवेदनशीलता और विश्वास को देखते हुए केंद्र सरकार ने जमीन देने का फैसला किया है. साथ ही वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि जिन पांच याचिकाकर्ता ने मंदिर के विध्वंस के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था, उनमें से सरकार के प्रस्ताव पर केवल दो ही सहमत हैं. इसपर कोर्ट का कहना है कि यह उनकी आपत्तियों को सुनने के बाद आदेश पारित करेगा. बता दें कि यह मंदिर दक्षिणी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में था, जिसे कुछ महीने पहले ढहा दिया गया था.

डीडीए ने ढहाया संत रविदास मंदिर, दिल्ली से पंजाब तक सियासत गर्म


गौरतलब है कि दिल्ली के तुगलकाबाद (Tughlakabad) में  संत रविदास के मंदिर को तोड़े जाने के खिलाफ हुई हिंसा माले में कुल 91 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर आजाद को भी गिरफ्तार किया गया था. चन्द्रशेखर आजाद पर दंगा फैलाना, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, आगजनी करना और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप था. इस घटना में 15 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे. सभी आरोपियों को आज साकेत कोर्ट में पेश किया गया था. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. उपद्रवियों ने 100 से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ की जिनमें से कुछ गाड़ियां पुलिस की थी और कुछ आम लोगों की थीं. संत रविदास (Ravidas Temple) का मंदिर गिराए जाने का विरोध कर रहे लोगों ने दो बाइकों में आग भी लगाई थी.

वाराणसी दौरे पर बोले पीएम मोदी: वंदे-भारत एक्सप्रेस का मजाक उड़ाना गलत, क्या इंजीनियरों का अपमान उचित है?

पुलिस ने उग्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे. पुलिस ने भीम आर्मी और दलित समाज से जुड़े 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था. भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद को भी हिरासत में ले लिया गया था. बता दें कि संत रविदास मंदिर को तोड़ने के विरोध में यह हिंसा हुई. पुलिस के मुताबिक, भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने तुगलकाबाद के रविदास मंदिर को तोड़ने को लेकर जारी विवाद के बीच दिल्ली के जंतर मंतर में रैली करने की अनुमति मांगी थी. उनसे जंतर-मंतर पर रैली की अनुमति नहीं दी गई और रामलीला ग्राउंड में रैली करने के लिए कहा गया.

टिप्पणियां



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement