आखिर क्यों परेशान है मप्र कॉडर का एक आईपीएस अधिकारी?

वीरता पदक से सम्मानित और भिंड पुलिस अधीक्षक पद पर रहकर डाकुओं का सफाया करने वाले मध्‍य प्रदेश काडर के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी राजाबाबू सिंह का छह महीने में तीन बार तबादला किया गया.

आखिर क्यों परेशान है मप्र कॉडर का एक आईपीएस अधिकारी?

फाइल फोटो

नई दिल्ली:

वीरता पदक से सम्मानित और भिंड पुलिस अधीक्षक पद पर रहकर डाकुओं का सफाया करने वाले मध्‍य प्रदेश काडर के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी राजाबाबू सिंह का छह महीने में तीन बार तबादला किया गया. 2012 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर वो भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस में अरुणाचल प्रदेश के सेक्टर कमांडर के तौर पर काम किया. फिर आईटीबीपी में हेडक्वाटर में भी अपनी सेवाएं दी, जिसके लिए उन्हें प्रशस्तिपत्र तक मिला. 

वह दिल्ली के मप्र हाउस में आईजी सिक्‍योरिटी एंड कोर्डिनेशन के पद पर मप्र भवन में तैनात थे, लेकिन बीते छह महीने में उनका तीन बार तबादला किया. बार-बार हो रहे तबादले से परेशान अब 1994 बैच के इस आईपीएस अधिकारी ने मप्र के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अपना दर्द बयां किया है. पत्र में लिखा गया है कि उनकी दो बेटियां दिल्ली में पढ़ती है और 2016 में उनके ह्रदय का ऑपरेशन हुआ जिसके चलते उन्हें चेकअप के लिए आना पड़ता है. मप्र के मुख्यसचिव को बताया कि इस तरह के तबादले से कैसे मनोबल पर इसका खराब असर पड़ता है. 

इसी साल 10 जनवरी को पहले  एसएफएस पुलिस हेडक्वाटर भोपाल ट्रांसफर किया गया. फिर तीन दिन बाद उन्हें आईजी सिक्‍योरिटी एंड क्वार्डिनेशन के पद पर दिल्ली तैनात किया गया. अब फिर से उनका तबादला आईजी एसएफएस के पद पर जबलपुर ट्रांसफर कर दिया गया. 1994 बैच के इस आईपीएस अधिकारी का रिटायरमेंट 2027 में है.

 
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